उत्तराखंड : मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से शहरी क्षेत्रों में 70 हजार को मिलेगा रोजगार
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त्रिवेंद्र सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का दायरा बढ़ा कर इसमें दो और नई योजनाओं को शामिल कर लिया है। शहरी क्षेत्रों के लिए नगरीय फेरी व्यवसायी (आजीविका सुरक्षा व फेरी व्यवसाय विनियमन) योजना और सहकारिता विभाग के माध्यम से मोटरसाइकिल टैक्सी योजना शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि दोनों ही योजनाओं से लगभग 70 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
शहरी विकास विभाग की ओर से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेश के 92 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में नगरी फेरी व्यवसायी योजना शुरू की जाएगी। जिसमें डेयरी, ठेली, रेहड़ी, चलती-फिरती दुकान करने वाले, सिर पर भार उठा कर दैनिक उपयोग का सामान बेचने वालों को बिना गारंटी के लोन मिलेगा।
वहीं सरकार की ओर से ब्याज दर में दो प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। सहकारिता विभाग के माध्यम से मोटर साइकिल टैक्सी योजना शुरू की जाएगी। इस योजना में जिला सहकारी बैंकों के माध्यम से मोटरसाइकिल टैक्सी के लिए 60 हजार का ऋण दिया जाएगा। ऋण की सीमा तीन साल के लिए होगी। दो साल तक ऋण पर ब्याज दर का भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। इस योजना से लगभग 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
परिवहन निगम बनाएगा नियमावली
प्रदेश में पहली बार मोटरसाइकिल टैक्सी के पंजीकरण और संचालन के लिए परिवहन विभाग के माध्यम से नियमावली बनाई जाएगी। इसमें यह व्यवस्था की जाएगी कि पर्यटकों व अन्य यात्रियों के लिए किस तरह से मोटरसाइकिल टैक्सी का संचालन किया जाएगा।
शहरों में प्रस्तावित मोटरसाइकिल टैक्सी
देहरादून-300
हरिद्वार-300
मसूरी-100
ऋषिकेश-200
नैनीताल-100
हल्द्वानी-100
रुद्रपुर-100