उत्तराखंडः 27 शहरों में ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए 30 करोड़ रुपये जारी, जगह-जगह कचरा डंप करने से मिलेगी निजात
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कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रदेश के 27 शहरी निकायों में ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए सरकार की ओर से 30 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इसकी सिफारिश चौथे राज्य वित्त आयोग ने की थी।
सबसे बड़ी समस्या कूड़ा डंप करने के लिए जगह न होने की
प्रदेश में शहरी निकायों के सामने इस समय सबसे बड़ी समस्या कूड़ा डंप करने के लिए जगह न होने की है। चौथे राज्य वित्त आयोग के सामने यही समस्या निकायों की ओर से रखी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक मिशन गंगा के तहत भी गंगा और सहायक नदियों के किनारे बसे शहरों में ठोस अपशिष्ट के प्रबंधन की पूरी व्यवस्था का अभियान छेड़ा गया है।
कई शहर अपने मौजूदा डंपिंग क्षेत्रों में सुधार भी कर सकेंगे
वर्तमान में हालात यह हैं कि कई शहरों को अन्य स्थानों पर अपने शहर का कूड़ा डंप करना पड़ रहा है। नैनीताल का कूड़ा हल्द्वानी तक पहुंचाया जा रहा है तो उत्तरकाशी में भी नदी किनारे कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद रहा है। ऐसे में निकायों को ट्रंचिंग ग्राउंड बनने से जगह-जगह कचरा डंप करने की समस्या से निजात मिलेगी। इसके साथ ही कई शहर अपने मौजूदा डंपिंग क्षेत्रों में सुधार भी कर सकेंगे।
चौथे राज्य वित्त आयोग ने शहरों के कचरा प्रबंधन के तहत निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की सिफारिश की थी। इसी को देखते हुए यह बजट जारी किया गया है। इससे शहरों में कचरे की समस्या और प्रदूषण से पार पाने में मदद मिलेगी।
-अमित नेगी, सचिव वित्त
इनको जारी किया गया बजट
पालिकाएं : रुद्रप्रयाग, महुआवखेड़ागंज, सितारगंज, श्रीनगर, उत्तरकाशी, चिन्यालीसौड़, टनकपुर, डीडीहाट, धारचूला, दुगड्डा और चंपावत को बजट जारी किया गया है।
नगर पंचायत- नौगांव, नानकमत्ता, पिरानकलियर, नंदप्रयाग, गजा, लंबगांव, घनशाली, गैरसैंण, कालाढूंगी, थराली, तिलवाड़ा, ऊखीमठ, सतपुली, शक्तिगढ़, चमियाला और गंगालीहाट को बजट जारी किया गया है।