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Uttarakhand: बिजली बिलों के 415 करोड़ दबाकर गायब हो गए 1.27 लाख उपभोक्ता, पता-ठिकाना नहीं तलाश पा रहा आयोग

Tue, 15 Apr 2025 08:46 AM IST
रेनू सकलानी आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Tue, 15 Apr 2025 08:46 AM IST
सार

बिजली बिलों के 415 करोड़ दबाकर 1.27 लाख उपभोक्ता गायब हो गए। यूपीसीएल ने एसबी-एनबी श्रेणी में डाला है। लेकिन आयोग इनका पता-ठिकाना नहीं तलाश पा रहा है।

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Uttarakhand News 1.27 lakh consumers disappeared after suppressing Rs 415 crore of electricity bills
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

उत्तराखंड में बिजली बिलों के 415.67 करोड़ रुपये दबाकर 1,27,873 उपभोक्ता गायब हैं। यूपीसीएल के अधिकारी इनकी तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। कहीं बिजली का मीटर नहीं है तो कहीं मालिक वर्षों से बाहर है। यूपीसीएल ने इस पूरी राशि को नॉन बिल्ड (एनबी) और स्टॉप बिल्ड (एसबी) की श्रेणी में डाला हुआ है।

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बीते वर्षों में यूपीसीएल के अधिकारी-कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां कीं। इससे उन उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ती चली गई, जिनका भारी भरकम बिल था, लेकिन जब वसूली के लिए गए तो वे वहां मिले ही नहीं। या तो मकान बेचकर चले गए या फिर छोड़कर चले गए।

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नियामक आयोग ने चिंता जताई
ऐसे भी चौंकाने वाले मामले हैं, जिनमें एक ही मोहल्ले में एक नाम से कई-कई कनेक्शन हैं। माना जाता है कि एक कनेक्शन का बिल ज्यादा होने पर उसका मीटर खराब करके दूसरे मीटर से दूसरा कनेक्शन लगाया गया होगा।

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यूपीसीएल प्रबंधन के लिए एनबी-एसबी श्रेणी के ये उपभोक्ता नासूर बने हुए हैं। वर्ष 2019 में इनकी संख्या 1,61,500 थी। हर साल यूपीसीएल की टीमें इस दिशा में काम करती हैं, जिससे इनकी संख्या बदलती रहती है। वर्ष 2020 में इनकी संख्या 1,58,300, वर्ष 2021 में 1,61,580, 2022 में 1,54,461, 2023 में 1,42,962, 2024 में 1,31,418 और 2025 में 1,27,873 पर पहुंची है। एनबी-एसबी की राशि 415.67 करोड़ पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने चिंता जताई है।

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खंडवार अभियान की तिमाही रिपोर्ट मांगी

नियामक आयोग ने निर्देश दिए हैं कि हर तिमाही में कम से कम पांच प्रतिशत मामलों का निस्तारण करें। ऐसे गायब उपभोक्ताओं को खोजें। सभी खंडवार जिम्मेदारी देते हुए अभियान चलाएं और तिमाही रिपोर्ट नियामक आयोग में जमा कराएं।

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