फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Mining Revenue After Record Rs 1,217 Crore State Eyes Fresh Push Post-Monsoon read All Updates

उत्तराखंड: नदियों में खनिज निकासी फिलहाल सीमित,मानसून के बाद खनन राजस्व का नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

Wed, 16 Sep 2026 07:53 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 16 Sep 2026 07:53 AM IST
सार

मानसून के दौरान नदियों में खनिज निकासी सीमित रहने के बाद अब विभाग की नजर बरसात के बाद की गतिविधियों पर है। पिछले वित्तीय वर्ष में तय लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व मिलने के बाद खनन विभाग नए रिकॉर्ड की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।

विज्ञापन
Uttarakhand Mining Revenue After Record Rs 1,217 Crore State Eyes Fresh Push Post-Monsoon read All Updates
बैठक - फोटो : सूचना

विस्तार

मानसून के चलते प्रदेश की नदियों में खनिज निकासी फिलहाल सीमित है। बरसात के बाद अब खनन गतिविधियां दोबारा शुरू कर राजस्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। उत्तराखंड ने खनन से वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वाधिक 1217 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया था।

विज्ञापन

प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 950 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, इसके मुकाबले 1217 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कोषागार में 1130 करोड़ रुपये, जिला खनिज फाउंडेशन न्यास में 80 करोड़ रुपये और राज्य खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (एसएमईटी) के तहत 7 करोड़ रुपये शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग ने 875 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1,041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में खनन राजस्व में पिछले 4.5 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2012-13 में जहां खनन विभाग से करीब 110 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा 1217 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

विज्ञापन

खनन व्यवस्था में बदलाव और तकनीक पर जोर

सरकार ने खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नीतिगत और तकनीकी स्तर पर कई बदलाव किए गए हैं। खनिज नीति और नियमावली में किए गए सरलीकरण के साथ वैध खनन को बढ़ावा देने और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। खनन प्रक्रिया की निगरानी के लिए माइनिंग डिजिटल ट्रांसफार्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम लागू किया गया। इसके तहत देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में 45 ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं। इनमें वाहनों की निगरानी के लिए एएनपीआर कैमरा और आरएफआईडी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

खनन सुधारों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों से उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में एमटीटीएसएस और और ई-खन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को स्कॉच अवार्ड (गोल्ड) से सम्मानित किया गया। खान मंत्रालय की माइनर मिनरल रिफॉर्म श्रेणी में उत्तराखंड को ‘सी’ श्रेणी के राज्यों में दूसरा स्थान मिला। इसके तहत राज्य को 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स में प्रदर्शन के आधार पर भी 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है।

ये भी पढ़ें...विडंबना: एनएसए डोभाल के गांव में अपने स्कूल भवन को तरस रहे बच्चे, अब किसी ग्रामीण के घर होती हैं कक्षाएं

प्रदेश में अवैध खनन रोकने के लिए पारदर्शी व्यवस्था का लागू किया है। इसका परिणाम यह रहा कि खनन से 1217 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों पर केंद्र सरकार की ओर से 200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed