Lockdown Uttarakhand: पुलिस का दावा, दिल्ली से तीन प्रदेशों के बॉर्डर पार कर पैदल हरिद्वार नहीं पहुंचे थे 20 नेपाली
- पैदल ही दिल्ली से नेपाल के लिए निकले, हरिद्वार पुलिस ने रोका
- खाना खिलाने के बाद स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग को दी सूचना
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लॉकडाउन के बाद भीदिल्ली से नेपाली मूल के 20 नागरिकों के हरिद्वार पहुंचने की कहानी चंद घंटों में बदल गई। हरिद्वार पुलिस ने दावा किया कि वे दिल्ली से नहीं आए थे। एक माह से रावली महदूद में ही किराये पर रह रहे थे। यह बात सामने आने पर उन्हें फिर से रावल महदूद भेज दिया। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया कि खाने पीने की दिक्कत बिलकुल भी नहीं होनी दी जाएगी।
बृहस्पतिवार की देर रात क्षेत्र के ब्रम्हपुरी में 20 युवकों को पुलिस ने रोका था। युवकों ने जो कहानी बताई थी, उसे सुनकर हरिद्वार पुलिस दंग रह गई थी। नेपाली मूल के युवकों ने बताया था कि वे दिल्ली में काम करते थे और नेपाल जाने के लिए निकले थे। वे जैसे तैसे यहां तक पहुंच गए है। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय भी मौके पर पहुंच गए थे।
बाकायदा स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर बुला ली गई थी, लेकिन कुछ घंटों बाद पूछताछ के दौरान हकीकत सामने आई। युवकों ने बताया कि वह पिछले एक माह से रावली महदूद में ही किराये पर रह रहे थे। उन्हें लग रहा था कि लॉकडाउन की अवधि कई माह के लिए बढ़ सकती है।
इसलिए उन्होंने नेपाल जाने की योजना बनाई। सिडकुल पुलिस का दावा है कि इस संबंध में रावली महदूद में उस मकान मालिक से भी तस्दीक कर लिया गया है, जहां ये लोग रह रहे थे। एसएसपी ने बताया कि यह लोग एक मार्केटिंग कंपनी में कार्यरत थे।