उत्तराखंड: कुपोषित बच्चों और हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को हर महीने उपलब्ध कराया जाएगा पीनट बटर
- महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दिया जाएगा पीनट बटर
- जिले में 1102 हैं कुपोषित, अतिकुपोषित और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामले
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देहरादून जिले के 1102 कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की हेल्दी डाइट के लिए सरकार खुराक देगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से इन सभी को हर महीने पीनट बटर दिया जाएगा।
काशीपुर की सनड्रॉप कंपनी ने अपने सीएसआर फंड से हर महीने हजारों किलो पीनट बटर महकमे को उपलब्ध कराने की बात कही है। इसी कड़ी में अभी कंपनी ने विभाग को तीन हजार किलो डिब्बे पहुंचा दिए हैं। वहीं, महकमे ने भी जिले के कुपोषित, अतिकुपोषित और होई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की लिस्ट तैयार कर ली है। जल्द ही इन्हें पीनट बटर उपलब्ध कराया जाएगा।
हेल्दी के साथ स्वादिष्ट होता है पीनट बटर
पीनट बटर खाने में बेहद स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी होता है। प्रेग्नेंसी के दौरान पीनट बटर खाने से शिशु में मूंगफली से एलर्जी होने का खतरा कम रहता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम होता है। साथ ही आयरन, विटामिन और खनिज पदार्थ होने के कारण यह इम्यून सिस्टम मजबूत करता है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपका वजन कम है तो पीनट बटर खाने से वजन में भी बढ़ोतरी होती है।
क्षेत्र कुपोषित बच्चे अति कुपोषित बच्चे हाई रिस्क गर्भवती महिलाएं
कालसी 84 10 0
चकराता 81 10 5
डोईवाला 68 7 9
रायपुर 77 7 9
विकासनगर 106 19 6
सहसपुर 218 37 2
देहरादून 304 35 8
कुल 938 125 39
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की संख्या पांच से 31 मई तक होने वाली डिलीवरी की संभावित संख्या है।
टेक होम राशन वितरण कर रहे संबंधित सेक्टर के महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए पीनट बटर को आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। जहां से आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए लाभार्थी को पीनट बटर का वितरण करेंगी।
- नितिका खंडेलवाल, सीडीओ, देहरादून