Uttarakhand Lockdown : शैक्षिक महासंघ की मांग, ऑनलाइन नहीं, क्लास में ही पूरा कराया जाए सिलेबस
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शिक्षकों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से सिलेबस पूरा होना संभव नहीं है। ऐसे में विवि व कॉलेजों के छात्रों का कम से कम 75 प्रतिशत सिलेबस क्लास में पूरा कराया जाए। इसके अलावा यूजीसी की गाइडलाइंस के तहत परीक्षाएं कराई जानी चाहिए।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ऑनलाइन हुई बैठक में यह मांगें शिक्षकों ने उठाईं। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी सिंघल ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान छात्रों की गैरहाजिरी को हाजिरी में काउंट करना चाहिए। यूजीस की सलाह जरूरी है, लेकिन विवि अपने स्तर से इसमें तब्दीली कर सकता है। तीन के बजाए दो घंटे की परीक्षा कराई जाए।
ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के आधार पर भी परीक्षा कर सकते हैं। मास प्रमोशन नहीं दिया जाना चाहिए, इससे बहुत सारी टेक्निकल प्रॉब्लम आएगी। समर वेकेशन तुरंत प्रभाव से प्रारंभ कर देना चाहिए।
इस समय ऑनलाइन होने चाहिए एडमिशन
एडमिशन इस समय ऑनलाइन होने चाहिए। पुराने विद्यार्थियों के लिए सेशन एक जुलाई से और नए विद्यार्थियों के लिए एक अगस्त से सेशन प्रारंभ हो। पीएचडी स्टूडेंट को छह महीने का छूट दी जाए।
महासंघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर ने कहा कि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री केयर फंड में योगदान की अपील की।
ऑनलाइन बैठक में महासंघ के अध्यक्ष प्रो. विजय पांडेय, कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रशांत सिंह, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि त्यागी, सह संगठन मंत्री शिव नारायण सिंह, मंत्री डॉ. अलका सूरी, मीडिया प्रभारी पारुल दीक्षित, कार्यालय प्रमुख राजेंद्र सिंह चौहान, हरिद्वार जिला अध्यक्ष जगपाल सिंह, नीरज सैनी, संजय सैनी, महेंद्र सिंह नेगी, हेमंत जोशी, कुमायूं विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो नारायण दत्त
कांडपाल, प्रदेश मंत्री रमेश धपोला, कुमाऊं मंडल उपाध्यक्ष कुलवंत सिंह बल एवं संयोजक डॉ. हरनाम सिंह, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तराखंड के महामंत्री डॉ. अनिल नौटियाल ने विचार रखे।