उत्तराखंड: आज बंद हो जाएगी फूलों की घाटी, कोरोना काल में दीदार को पहुंचे 930 देशी-विदेशी पर्यटक
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फूलों की घाटी 31 अक्तूबर से पर्यटकों की आवाजाही के लिए बंद हो जाएगी। इस बार 930 पर्यटक फूलों की घाटी के दीदार को पहुंचे हैं। पर्यटकों से नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को 27 लाख 60 हजार 450 रुपये की आय प्राप्त हुई है।
कोरोना संक्रमण के कारण इस बार घाटी में पर्यटकों की संख्या बेहद कम रही। वर्ष 2019 में जहां करीब पंद्रह हजार देशी-विदेशी पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे थे, लेकिन इस बार मात्र 930 पर्यटक ही घाटी में पहुंचे हैं।
फूलों की घाटी के रेंजर बृजमोहन भारती ने बताया कि एक जून को फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुल गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण एक अगस्त से पर्यटकों को घाटी में प्रवेश दिया गया। 31 अक्तूबर को शीतकाल के लिए घाटी बंद कर दी जाएगी।
हस साल बड़ी संख्या में पहुंचते हैं पर्यटक
जुलाई और अगस्त महीने में घाटी में सबसे अधिक रौनक रहती है। इस दौरान यहां सर्वाधिक फूल खिलते हैं। घाटी में इन दिनों ब्लू पॉपी, ब्रह्मकमल, व्हाइट रोज, लीलियम, जेलिफिनियम सहित कई तरह के फूल खिले थे।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत आती है। इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और जैविक विविधता के कारण वर्ष 2005 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।
87.5 वर्ग किमी में फैली फूलों की घाटी न सिर्फ भारत बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। इन रंग बिरंगे फूलों, प्राकृतिक सुंदरता, झरनों और प्राकृतिक स्लोपों का दीदार करने के लिए हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से सैकड़ों पर्यटक यहां पहुंचते हैं।