{"_id":"68dbfdd3969769b236029d2d","slug":"uttarakhand-jal-vidyut-nigam-limited-tyuni-plasu-hydro-project-gets-environmental-clearance-2025-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"UJVNL: त्यूनी-प्लासु जल परियोजना को मिली पर्यावरणीय मंजूरी, 43 परिवारों का होगा पुनर्वास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UJVNL: त्यूनी-प्लासु जल परियोजना को मिली पर्यावरणीय मंजूरी, 43 परिवारों का होगा पुनर्वास
Tue, 30 Sep 2025 09:32 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 30 Sep 2025 09:32 PM IST
सार
परियोजना से प्रभावित 43 परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रभावितों के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
विज्ञापन
- फोटो : freepik.com(प्रतीकात्मक)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड की त्यूनी-प्लासु हाइड्रो परियोजना को राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण ने पर्यावरणीय स्वीकृति दे दी है। यह परियोजना हिमाचल की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित है।
विज्ञापन
यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक डॉ.संदीप सिंघल ने बताया कि 72 मेगावाट क्षमता की इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 29.8 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। परियोजना के तहत कुल 54.636 हेक्टेयर भूमि का उपयोग होगा, जिसमें से लगभग 47.547 हेक्टेयर वन भूमि और 7.089 हेक्टेयर निजी भूमि सम्मिलित है।
विज्ञापन
Uttarakhand: कल नवमी पर उत्तराखंड में सार्वजनिक अवकाश घोषित, बैंक और कोषागार भी रहेंगे बंद, आदेश जारी
विज्ञापन
परियोजना से प्रभावित 43 परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के लिए भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रभावितों के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
डॉ.सिंघल ने बताया कि परियोजना से एक प्रतिशत विद्युत स्थानीय क्षेत्र विकास निधि के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे परियोजना प्रभावित क्षेत्र के चहुंमुखी विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। परियोजना के निर्माण के दौरान राज्य में लगभग 800 से 1000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।