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उड़ता पंजाब की तरह बर्बाद न हो हमारी नई पीढ़ी, युवाओं को नशे से बचाएं: मुख्य न्यायाधीश
Sun, 06 Sep 2026 07:17 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sun, 06 Sep 2026 07:17 PM IST
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उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (नैनीताल) के दिशा-निर्देशन में रविवार को सेलाकुई स्थित जय कम्युनिटी सेंटर और पीएमश्री शहीद सत्येंद्र चौहान अटल उत्कृष्ट इंटर कॉलेज में बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 40 से अधिक सरकारी व गैर-सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाकर करीब 3500 ग्रामीणों को कानूनी और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। मौके पर ही 2000 से अधिक लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
शिविर का उद्घाटन उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की ओर से नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसके जरिए नशे के दुष्प्रभावों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने नुक्कड़ नाटक के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि हमारी नई पीढ़ी फिल्म उड़ता पंजाब की तरह नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद न हो, इसके लिए हमें अपने युवाओं को ड्रग्स से हर हाल में बचाना है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों और संगत पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाते हुए कहा कि नई पीढ़ी को इस बुराई से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल, प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) आरके खुल्बे, प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल समेत कई न्यायिक अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और देहरादून बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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मेधावियों को टैबलेट, स्कूलों को दिए कंप्यूटर और आरओ
शिविर के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। चार विद्यालयों को कंप्यूटर, यूपीएस व प्रिंटर और पांच विद्यालयों को आरओ वाटर प्यूरीफायर भेंट किए गए। कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट बांटे गए। इसके अलावा जरूरतमंदों को स्कूल बैग, स्टेशनरी, ट्रैक सूट, कंबल, मेडिकल किट, महालक्ष्मी किट और बेबी किट का वितरण किया गया।
दिव्यांगजनों को मिले उपकरण, निशुल्क हुई स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर लोगों की शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन और ईसीजी की निशुल्क जांच की गई। नेत्र परीक्षण के बाद जरूरतमंदों को दवाएं व चश्मे बांटे गए। वहीं, दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।शिविर में स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने वाले 12 पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया गया।
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शिविर का उद्घाटन उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता, प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की ओर से नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसके जरिए नशे के दुष्प्रभावों को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
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मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने नुक्कड़ नाटक के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि हमारी नई पीढ़ी फिल्म उड़ता पंजाब की तरह नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद न हो, इसके लिए हमें अपने युवाओं को ड्रग्स से हर हाल में बचाना है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों और संगत पर विशेष ध्यान देने की अपील की। उन्होंने उपस्थित लोगों को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाते हुए कहा कि नई पीढ़ी को इस बुराई से बचाना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल, प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) आरके खुल्बे, प्राधिकरण के सदस्य सचिव प्रदीप कुमार मणि, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल समेत कई न्यायिक अधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और देहरादून बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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मेधावियों को टैबलेट, स्कूलों को दिए कंप्यूटर और आरओ
शिविर के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष जोर दिया गया। चार विद्यालयों को कंप्यूटर, यूपीएस व प्रिंटर और पांच विद्यालयों को आरओ वाटर प्यूरीफायर भेंट किए गए। कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को टैबलेट बांटे गए। इसके अलावा जरूरतमंदों को स्कूल बैग, स्टेशनरी, ट्रैक सूट, कंबल, मेडिकल किट, महालक्ष्मी किट और बेबी किट का वितरण किया गया।
दिव्यांगजनों को मिले उपकरण, निशुल्क हुई स्वास्थ्य जांच
स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल पर लोगों की शुगर, बीपी, हीमोग्लोबिन और ईसीजी की निशुल्क जांच की गई। नेत्र परीक्षण के बाद जरूरतमंदों को दवाएं व चश्मे बांटे गए। वहीं, दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकर और श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।शिविर में स्वच्छता व्यवस्था में सहयोग करने वाले 12 पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया गया।