Uttarakhand News: एक साल तक सवालों का जवाब न देने पर सूचना आयोग नाराज, समयावधि के अंदर देने के निर्देश
उत्तराखंड सूचना आयोग ने आरटीआई मामलों में लापरवाही बरतने पर एमडीडीए के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आयोग ने एक साल तक सूचना नहीं देने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को तय समय में जवाब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड सूचना आयोग ने एमडीडीए के अधिकारी जानबूझकर लंबे समय तक आरटीआई सवालों का जवाब न देने पर नाराजगी जताई है। आयोग ने इस बात पर भी नाराजगी जताई है कि आरटीआई सवालों का जवाब न देने वाले सूचना अधिकारियों पर कार्रवाई करने में भी कोताही बरती जा रही है।
अपीलकर्ता अशफाक ने एमडीडीए से अप्रैल 2025 में एक सूचना की मांग की थी लेकिन एक साल तक उन्हें इसका जवाब नहीं दिया गया। अशफाक को प्रथम विभागीय अपील में भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद सूचना आयोग में दाखिल अपील में अधिकारियों ने सूचना न पाने के लिए आवेदनकर्ता को ही जिम्मेदार ठहरा दिया और कहा कि आवेदनकर्ता सूचना देने पर एमडीडीए के कार्यालय में उपस्थित नहीं हुआ। हालांकि, आयोग ने अधिकारियों की इस दलील को केवल लीपापोती माना। आयोग ने लोक सूचना अधिकारी को मांगी गई सूचना निश्चित समयावधि के अंदर देने का निर्देश दिया।
ये भी पढ़ें...Haridwar: पथरेश्वर महादेव मंदिर में दो साधुओं की बेरहमी से हत्या, जंगल में दफनाए शव, पुलिस ने निकाले बाहर
राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने एमडीडीए अधिकारियों के इस व्यवहार को अनुचित करार दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी सूचना अधिकार के प्रति लापरवाही भरा रवैया अपना रहे हैं जो उचित नहीं है। उन्होंने आदेश की एक प्रति सचिव को भी भेजने के निर्देश दिए जिससे एमडीडीए अधिकारियों को सूचना अधिकार के प्रति सचेत किया जा सके। आयोग ने कहा कि एमडीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरटीआई प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए जिससे वे इसके प्रति ज्यादा जवाबदेह रुख अपना सकें।