उत्तराखंडः दर्द से छटपटाती पत्नी को लेकर रात भर अस्पतालों में घूमता रहा पति, किसी को नहीं आई दया
- आपरेशन से हुआ था पहला बच्चा, दूसरे की हुई नार्मल डिलीवरी
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जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने से प्रसव पीड़िता को रात दस बजे रेफर कर दिया गया। इसके बाद दर्द से छटपटाती पत्नी को लेकर उसका पति एक निजी अस्पताल से दूसरे अस्पताल में घूमता रहा। आखिरकार रात दो बजे महिला अस्पताल की चिकित्सक और स्टाफ ने ही नार्मल डिलीवरी कराई। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
झूलाघाट निवासी डंबर जोशी की पत्नी पुष्पा जोशी को शनिवार शाम छह बजे प्रसव पीड़ा हुई। पहले वह अपनी पत्नी को झूलाघाट में ही चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक ने पिथौरागढ़ ले जाने को कहा। इसके बाद वह पत्नी को लेकर रात 10 बजे निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचे। पुष्पा देवी का पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ था। दूसरा प्रसव भी सिजेरियन ही किया जाना था।
रात लगभग एक बजे दूसरी जगह ले जाने को कह दिया
अस्पताल में विशेषज्ञ नहीं होने पर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने अल्मोड़ा ले जाने की सलाह दी। इस बीच पुष्पा देवी की प्रसव पीड़ा बढ़ती गई। डंबर जोशी ने बताया कि रात दस बजे यहां से एक सौ किमी से भी अधिक दूर अल्मोड़ा पहुंचना संभव नहीं था। रेफर करने के बाद वह पत्नी को एक निजी अस्पताल में ले गए।
वहां से भी रात लगभग एक बजे दूसरी जगह ले जाने को कह दिया। इसके बाद एक दूसरे निजी अस्पताल में ले गए वहां भी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। डंबर जोशी ने बताया कि बाद में तीव्र पीड़ा होने पर रात दो बजे वापस जिला महिला अस्पताल पहुंचे। जहां पर महिला चिकित्सक और स्टाफ ने नार्मल डिलीवरी कराई। रात 2.10 बजे पुष्पा ने बालिका को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।