उत्तराखंड: यौन शोषण मामले में हाईकोर्ट ने विधायक नेगी की गिरफ्तारी पर लगाई रोक
- हाईकोर्ट ने विधायक महेश नेगी को जांच में सहयोग करने को कहा
- सरकार से तीन हफ्ते में मांगा जवाब, पीड़ित महिला को भी नोटिस जारी
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट में आज द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी पर लगे यौन शोषण मामले में दर्ज एफआईआर निरस्त करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने विधायक की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने सरकार को मामले में तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पीड़ित महिला को भी नोटिस जारी किया है ताकि वह अपना पक्ष रख सके। न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विधायक महेश नेगी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने में 5 सितंबर को दर्ज एफआईआर को निरस्त करने व गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
याचिकाकर्ता का कहना था कि देहरादून पुलिस ने उनकी शिकायत तो दर्ज नहीं की, लेकिन दबाव में आकर महिला की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह बाद की तिथि नियत की है।
यह है मामला
पीड़िता का आरोप है कि विधायक ने वर्ष 2016 से उसके साथ नैनीताल, दिल्ली, मसूरी तथा देहरादून आदि अलग-अलग स्थानों पर कथित तौर पर दुष्कर्म किया। महिला ने कहा था कि विधायक से उसकी एक बच्ची भी है और उसका डीएनए टेस्ट करवाने से सत्यता का पता लग जाएगा।
महिला का कहना था कि वह अपनी मां की बीमारी के इलाज के सिलसिले में विधायक से मिली थी। इस प्रकरण में विधायक की पत्नी रीता नेगी ने भी महिला पर अपने पति को ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए नेहरू कॉलोनी पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। रीता ने आरोप लगाया था कि महिला उनके पति को बदनाम कर रही है और पांच करोड़ रुपये मांग रही है। कोर्ट सभी मामलों की सुनवाई एक साथ करेगी।