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Uttarakhand: ध्वनि प्रदूषण मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा, प्रेशर हॉर्न की बिक्री रोकने के निर्देश

Thu, 13 Apr 2023 11:32 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 13 Apr 2023 11:32 PM IST
सार

कोर्ट ने राज्य के सचिव पर्यावरण, नगर नियोजन विभाग, परिवहन विभाग, महानिरीक्षक ट्रैफिक और कुमाऊं आयुक्त और गढ़वाल आयुक्त से मामले पर तीन सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होगी।

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Uttarakhand High court seeks response from government for noise pollution Order to stop sale of pressure horns
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमावली का खुला उल्लंघन किए जाने और निर्धारित मानकों से अधिक हो रहे ध्वनि प्रदूषण के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि तत्काल प्रभाव से केंद्रीय ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमावली 2000 और राज्य सरकार की ओर से 9 जून 2021 को अलग-अलग ध्वनि क्षमता निर्धारित किए जाने की अधिसूचना का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

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कोर्ट ने राज्य के सचिव पर्यावरण, नगर नियोजन विभाग, परिवहन विभाग, महानिरीक्षक ट्रैफिक और कुमाऊं आयुक्त और गढ़वाल आयुक्त से मामले पर तीन सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई अगस्त में होगी।
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मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अल्मोड़ा निवासी जितेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि या केंद्रीय नियमों और उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर केंद्रीय ध्वनि प्रदूषण नियमावली के अनुपालन से छूट दिए जाने का अवैध नियम लागू कर रखा है जो विधि विरुद्ध है। उनका कहना था की जिम्मेदार अधिकारियों को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमावली के संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न हीं नियमावली का अनुपालन कराया जा रहा है।

इससे प्रदेश में सभी आवासीय इलाकों, अस्पतालों के बाहर भी अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण हो रहा है। लोग चिड़चिड़े और बीमार हो रहे हैं। याचिका के अनुसार 2017 में हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सभी सार्वजनिक स्थानों में प्रेशर हॉर्न बजाना मना है। इस आदेश की अनदेखी कर बाइक और अन्य वाहन अस्पताल, स्कूल और घरों के पास प्रेशर हॉर्न बजा रहे हैं।

प्रेशर हॉर्न की बिक्री तत्काल रोकने के निर्देश

कोर्ट ने सचिव परिवहन और पुलिस महानिरीक्षक ट्रैफिक को बड़े वाहनों और दुपहिया वाहनों पर प्रेशर हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और मफलर की बाजार में बिक्री तत्काल रोकने के निर्देश दिए। यह भी कहा कि वाहनों में इनके प्रयोग पर तत्काल रोक लगाना सुनिश्चित करें। राज्य सरकार के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर कोर्ट के अगले आदेशों की प्रतीक्षा किए बिना खुद से नियमावली का सख्त अनुपालन सुनिश्चित करेंगे अन्यथा कोर्ट इसे गंभीरता से लेगी।

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