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धर्माचार्यों को गुजारे भत्ते की योजना का प्रचार करे सरकार, हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश

Thu, 06 Sep 2018 11:10 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नैनीताल Updated Thu, 06 Sep 2018 11:10 PM IST
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uttarakhand high court order for Religious leaders Allowances
uttarakhand high court

हाईकोर्ट ने धर्माचार्यों को गुजारा भत्ते देने की योजना का प्रचार करने को सरकार से कहा है। कोर्ट ने सरकार की इस योजना को सराहा और कहा कि सरकार अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार इन भत्तों में इजाफा करेगी।

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ में बृहस्पतिवार को महाधिवक्ता ने बताया कि सरकार ने इस संबंध में शासनादेश पूर्व में ही जारी कर दिए थे। सरकार इन्हें आर्थिक मदद दे रही है। कोर्ट ने आशा व्यक्त की कि अपनी वित्तीय स्थिति के अनुरूप सरकार हर पांच वर्ष में इसमें वृद्धि करेगी।
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सरकार की ओर से कोर्ट के समक्ष 27 जनवरी 2016 का शासनादेश प्रस्तुत किया गया था। इसमें साठ वर्ष से अधिक के हिंदू, मुस्लिम, सिख ,बौद्ध, जैन,  ईसाई आदि के धर्माचार्यों को 800 रुपये भत्ता दिया जाना निर्धारित किया गया था। कोर्ट में 30 जून 2016 का शासनदेश भी पेश किया गया जिसमें गुजारा भत्ता 800 से बढ़ा कर 1000 करने का उल्लेख था। सरकार की ओर से बुजुर्ग धर्माचार्यों  की मदद करने की  न्यायालय ने सराहना की। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सरकार से इस मामले में जवाब मांगा था।
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हरिद्वार निवासी सुभाष जोशी ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा था कि मंदिरों के पंडितों, शमशान घाट के महा ब्राह्मणों आदि की आर्थिक स्थिति ठीक नही है। इस काम से उनका ठीक से गुजारा नहीं हो पाता है। उनको सरकार से आर्थिक सहायता दिलाई जाए।

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