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सीएम रावत को कटघरे में खड़ा कर गए राज्यपाल

Sat, 27 Sep 2014 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 27 Sep 2014 01:57 AM IST
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uttarakhand governor blamed harish rawat for urdu.

अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को कठघरे में खड़ा कर दिया। डॉ. कुरैशी ने तल्खी के साथ उत्तराखंड संस्कृत विवि की दुर्गति पर चिंता व्यक्त की।

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राज्यपाल ने कहा कि ‘मेरे बार-बार लिखने के बाद भी विवि में फैकल्टी पूरी नहीं की जा रही है। मुख्यमंत्री से मांग है कि अफसरों को तुरंत आदेश दें और फैकल्टी पूरी की जाए।’
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शुक्रवार को राजभवन में आयोजित सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में संस्कृत विवि की स्थिति पर राज्यपाल के इस तरह नाराजगी जताने से खामोशी छा गई।

उन्होंने जोर दिया कि संस्कृत विवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाया जाए, जहां शोध केंद्र भी हो। लोगों को यहां आकर भाषाओं पर शोध के अवसर मिलें। राज्यपाल ने कहा कि आईएएस पीसीएस में संस्कृत की जानकारी अनिवार्य की जाए भले ही इसके अंक परीक्षा में न जुड़ें।
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राज्यपालने आगे जोड़ते हुए कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि अन्य भाषाओं को छोड़ दें। कहा कि वह किसी भाषा से अन्याय नहीं होने देना चाहते, जैसा उर्दू के साथ हुआ। एक सशक्त भाषा खत्म हो गई।

कहा, भीख नहीं मांग रहे

uttarakhand governor blamed harish rawat for urdu.

इसके बाद राज्यपाल बगल में बैठे मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुखातिब हुए बोले कि कई शिक्षण संस्थानों ने उर्दू क्लास चलाने के लिए स्टाफ की डिमांड दी थी लेकिन कुछ नहीं हुआ।


तल्खी में बोले, उर्दू के लिए कुछ करेंगे तो अहसान नहीं है। भीख नहीं मांग रहे हैं। यह करोड़ों लोगों का अधिकार है। राज्यपाल की इस बात पर लगा मुख्यमंत्री जैसे सकते में आकर मुस्करा रहे हैं।

इसके बाद राज्यपाल हरिद्वार की महिमा बखानने लगे। बताया कि दिल्ली में संतुष्ट न होने पर दारा शिकोह संस्कृत सीखने हरिद्वार आए थे। यहां सारे उपनिषदों को पढ़ा और फारसी में अनूदित किया।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रभाषा का मामला तय होने के दौरान वह होते तो हिंदी नहीं, संस्कृत को ही राष्ट्रभाषा बनवाते। कहा कि सभी लोग धीरे-धीरे संस्कृत सीखें। अपने पूरे संबोधन में राज्यपाल संस्कृत का महत्व बताने के साथ इसकी पुनर्प्रतिष्ठा की जरूरत जताते रहे।

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