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उत्तराखंड: अब अध्यादेश के कवच से सरकार बचाएगी महिलाओं का क्षैतिज आरक्षण, प्रस्ताव तैयार

Thu, 25 Aug 2022 06:00 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 25 Aug 2022 06:00 AM IST
सार

अब राज्य की महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण को बचाने के लिए अध्यादेश का कवच तैयार करने की चर्चाएं हैं। कार्मिक विभाग ने अध्यादेश का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। परामर्श के लिए प्रस्ताव न्याय विभाग के पास है। 

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Uttarakhand Government Prepare Ordinance for horizontal reservation
अध्यादेश लाने की तैयारी - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

राज्य आंदोलनकारियों के बाद अब राज्य की महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण पर खतरा मंडरा रहा है। न्यायालय ने उन शासनादेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है, जिनके जरिये राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिल रहा है। 

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Uttarakhand: पीसीएस परीक्षा में महिलाओं को 30 फीसदी आरक्षण देने के सरकार के आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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2003 में तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार ने राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 20 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया था। इसके बाद के वर्षों में इसे बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया गया। क्षैतिज आरक्षण देने के पीछे तत्कालीन सरकारों ने यही आधार बताया कि राज्य की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, सामाजिक और आर्थिक पिछड़ेपन का सबसे अधिक कष्ट राज्य की महिलाओं को उठाना पड़ता है। इन विषम हालातों के बीच सरकार ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण का संबल देने का प्रयास तो किया, लेकिन अधिनियम नहीं बनाया। यही वजह है कि सिर्फ शासनादेश से दिये गए इस आरक्षण के लाभ पर खतरा मंडरा रहा है।
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ठीक वैसे ही जैसे राज्य आंदोलनकारियों के 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण के साथ हुआ। राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के शासनादेश को भी अदालत ने रद्द कर दिया था। पूर्व में हरीश रावत सरकार को आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण को बहाल करने के लिए विधेयक लाना पड़ा था, लेकिन वह राजभवन में जाकर ऐसा फंसा कि आज तक नहीं लौटा। अब राज्य की महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण को बचाने के लिए अध्यादेश का कवच तैयार करने की चर्चाएं हैं। कार्मिक विभाग ने अध्यादेश का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। परामर्श के लिए प्रस्ताव न्याय विभाग के पास है। 

जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे: जुगरान

महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण के लिए शासन में मसला उठा रहे भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र जुगरान ने कहा कि जरूरत पड़ेगी तो सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। राज्य की महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण के लाभ से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। प्रदेश सरकार इसके लिए जो भी जरूरी होगा, वह कदम उठाएगी।

महिलाओं को आरक्षण के मसले पर सीएम से करुंगी वार्ता: रेखा 
देहरादून। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण के मसले पर वह मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगी। साथ ही हाईकोर्ट के फैसले का परीक्षण कर इस पर विधिक राय ली जाएगी।

क्षैतिज आरक्षण पर सचिव कार्मिक का कोट
न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने और उसका अध्ययन करने के उपरांत ही शासन अपना अगला मंतव्य तय करेगी। इसके अभाव में अभी कुछ भी कहना संभव नहीं हो पाएगा।
- शैलेश बगौली, सचिव कार्मिक

महिलाओं को आरक्षण के मसले पर सीएम से करुंगी वार्ता: रेखा 
देहरादून। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण के मसले पर वह मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगी। साथ ही हाईकोर्ट के फैसले का परीक्षण कर इस पर विधिक राय ली जाएगी।

क्षैतिज आरक्षण पर सचिव कार्मिक का कोट
न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने और उसका अध्ययन करने के उपरांत ही शासन अपना अगला मंतव्य तय करेगी। इसके अभाव में अभी कुछ भी कहना संभव नहीं हो पाएगा।
- शैलेश बगौली, सचिव कार्मिक

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