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Uttarakhand: भरतरी को फिर से हॉफ बनाने के कैट के आदेश को सरकार ने दी चुनौती, पुनर्विचार याचिका दायर
Sat, 18 Mar 2023 05:26 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 18 Mar 2023 05:26 PM IST
सार
कैट ने 24 फरवरी के अपने आदेश में राज्य सरकार को भरतरी को वन विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर पुन: बहाल करने के आदेश दिए थे। इस बीच राज्य सरकार ने भरतरी को पद से हटाने की अपनी कार्रवाई को सही बताते हुए उन्हें 10 मार्च को चार्जशीट दे दी थी।
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पीसीसीएफ राजीव भरतरी
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड शासन ने वन विभाग के प्रमुख रहे पीसीसीएफ राजीव भरतरी को फिर से पद पर बहाल करने के केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के आदेश को चुनौती देते हुए कैट की नैनीताल बैंच में पुनर्विचार याचिका दायर की है। सोमवार को इस मामले में सुनवाई हो सकती है।
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शासन के सूत्रों के अनुसार कैट में दाखिल की गई पुनर्विचार का राज्य सरकार ने भरतरी को पद पर पुन: बहाल करने के न्यायाधिकरण से आदेश पर कई गंभीर प्रकृति की कानूनी आपत्तियां उठाई हैं और उनका निराकरण करने का अनुरोध किया है। इससे पहले, बृहस्पतिवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के अनु सचिव की ओर से उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राजीव भरतरी को कैट के आदेशानुसार उचित कार्रवाई करते हुए मंत्रालय को अवगत कराने के लिए कहा गया था।
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बताते चलें कि कैट ने 24 फरवरी के अपने आदेश में राज्य सरकार को भरतरी को वन विभाग के विभागाध्यक्ष पद पर पुन: बहाल करने के आदेश दिए थे। इस बीच राज्य सरकार ने भरतरी को पद से हटाने की अपनी कार्रवाई को सही बताते हुए उन्हें 10 मार्च को चार्जशीट दे दी थी। इस पर उनसे 15 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
पाखरो टाइगर सफारी निर्माण मामले में अवैध रूप से पेड़ काटे जाने और अवैध निर्माण प्रकरण में भरतरी को नवंबर 2021 में प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) के पद से हटाते हुए उन्हें जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष पद का कार्यभर सौंप दिया गया था। जबकि उनकी जगह विनोद कुमार सिंघल को हॉफ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों ही अधिकारी अगले माह 31 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।