फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand govenment in danger

उत्तराखंड: खतरे में सरकार, पॉवर बैलेंस में जुटे सीएम

Sun, 18 May 2014 11:51 PM IST
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 18 May 2014 11:51 PM IST
विज्ञापन
uttarakhand govenment in danger

मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी सरकार बचाने में जुट गए हैं। कांग्रेस पॉवर में रहे इसके लिए सीएम ने दस और विधायकों को पॉवरफुल बनाया है। नरेन्द्र मोदी की सुनामी में उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ना उखड़े इसके इंतजाम कई दिनों से चल रहे हैं।

विज्ञापन


सरकार चला रहे कांग्रेस के 33 और सहयोगी 7 विधायकों में अब लगभग सभी को मंत्री, आयोग व परिषदों के अध्यक्ष, सभा सचिव, निगमों व बोर्ड के चेयरमैन की अतिरिक्त जिम्मेदारी बांटी गई हैं।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने रविवार को दस अन्य विधायकों जिसमें कुछ के पास पहले से जिम्मेदारियां थीं उन्हें और ताकतवर बनाया गया है।

कांग्रेस के तीन खेमों में बंटे विधायकों में अब ऐसा कोई नहीं है जिसे महत्व ना मिला हो।

40 में से 39 विधायक हो गए दर्जाधारी

uttarakhand govenment in danger

सरकार गिरने के संभावित खतरे और भाजपा नेताओं से मिल रही धमकियों का साफ असर सरकार की कार्यप्रणाली में दिखाई पड़ रहा है।

सरकार ने सभी सहयोगियों की शिकायतें दूर करने के साथ कांग्रेस के लगभग सभी विधायकों को कुछ ना कुछ अतिरिक्त पद दे दिए हैं। सरकार चला रहे सभी 40 विधायकों में 39 दर्जाधारी हो गए हैं।

अब एक मात्र विधायक सुबोध उन्नियाल हैं जिनके पास कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं है। बहुगुणा खेमे के सुबोध उन्नियाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की जोड़-तोड़ चल रही है।

हर खेमें को म‌िली मलाई

uttarakhand govenment in danger

बसपा में एक मात्र अलग-थलग पड़े विधायक सरवत करीम अंसारी को आवास विकास निधि परिषद के साथ गन्ना एवं चीनी उद्योग विकास बोर्ड भी सौंप दिया गया है।

बसपा के दो निलंबित विधायकों में सुरेन्द्र राकेश मंत्री हैं जबकि हरिदास को हरिद्वार और रुड़की विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाकर उन्हें और सरकार को मजबूती दी है।

विजय बहुगुणा गुट के विधायकों के साथ सतपाल महाराज कैंप के माने जाने वाले विधायकों को भी सरकार में विशेष महत्व देकर बांधे रखने की रणनीति बनाई गई है।

उनमें से दो दिन पहले कुछ को सभा सचिव बनाया गया था। नए पदों के वितरण में राजेन्द्र भंडारी, सुंदर लाल मन्द्रवाल और अनुसूया प्रयाद मैखुरी को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।

विज्ञापन

बसपा विधायक हो सकते हैं कांग्रेस में शिफ्ट

uttarakhand govenment in danger

एग्जिट पोल के नतीजों ने हरीश रावत को सतर्क कर दिया था। 16 मई को नतीजे आने से पहले ही सात विधायकों को उन्होंने सभा सचिव बनाकर कैबिनेट मंत्री स्तर की सुविधाएं दे दी हैं।

हरीश रावत ने चुनाव से पहले ही बसपा के तीन विधायकों में से दो मंत्री सुरेन्द्र राकेश और हरीदास को लगभग कांग्रेस से ही जोड़ लिया है। जिसके चलते मायावती ने इन दोनों विधायकों को निलंबित कर दिया है।

हरिद्वार की जनसभा में मायावती स्पष्ट तौर पर कहकर गई हैं कि इन नेताओं को पार्टी का टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसे में साफ है कि इन दोनों विधायकों का शरणस्थली कांग्रेस ही होगी।

चुनावी नतीजों में जिस तरह यूपी में एक भी बसपा सांसद नहीं जीता है उससे बसपा विधायक सरवत करीब अंसारी को भी करीब लाने की जुगत भिड़ाई गई है। अंसारी के पास पहले से एक जिम्मेदारी थी जिन्हें एक और बोर्ड व परिषद की जिम्मेदारी दी गई है।

असंतुष्टों को मनाने के ल‌िए मलाईदार पद

uttarakhand govenment in danger

मंत्री इंदिरा ह्दयेश को औद्योगिक विकास विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप पर ना सिर्फ उन्हें संतुष्ट किया गया है बल्कि उनके करीबी सहयोगी दल पीडीएफ के मंत्री हरीश दुर्गापाल को भी साधा गया है।

हरक सिंह रावत के समर्थकों को भी सभा सचिव और अन्य पदों के नवाजा गया है। यूकेडी मंत्री प्रीतम सिंह पंवार की पॉवर बढ़ाकर उन्हें हाउसिंग विभाग सौंपा गया है।

बदले समीकरणों में मंत्री प्रसाद नैथानी भी इन दिनों मुख्यमंत्री के करीब आ गए हैं। निर्दलीय विधायक दिनेश धनै लंबे समय से मंत्री पद पाने के लिए संघर्षरत हैं। ऐसे में अमृता रावत को अगर मंत्रिमंडल से हटाया जाता है तो यह पद उन्हें मिल सकता है।

ये लाभ हैं मलाईदार पदों से

uttarakhand govenment in danger

सभा सचिवों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। उन्हें एक मंत्री की तरह सरकारी गाड़ी, डेढ़ सौ लीटर तेल, सरकारी आवास, एक कार्यालय, कार्यालय के लिए संबंधित स्टाफ, सरकारी गेस्ट हाउस में नि:शुल्क सुविधाएं आदि मिलती हैं। चूंकि सभा सचिव विधायक ही बन सकते हैं लिहाजा विधायक वेतन और भत्ते (करीब साठ हजार)आदि अपने कोटे के ही लेते हैं।

आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, परिषदों के चेयरमैन आदि बनने पर किसी गैर विधायक को वेतन के तौर पर मात्र दस हजार रुपए मिलते हैं लेकिन सरकारी गाड़ी, कार्यालय, आवास और स्टाफ आदि की सुविधाएं उसे भी मिलती है। अगर यह जिम्मेदारी किसी विधायक को मिलती है तो एक वेतन के रूप में वह अपना ही लेता।

ये दस MLA बढ़ाएंगे सरकार का दम

uttarakhand govenment in danger

1. नवप्रभात- राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद के अध्यक्ष बनाए गए हैं।
2. कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन- खनिज विकास परिषद के अध्यक्ष होंगे।
3. राजेन्द्र भंडारी- अभी बीस सूत्रीय कार्यक्रम के उपाध्यक्ष थे। अब अतिरिक्त जिम्मेदारी में राज्य स्तरीय जिला योजना अनुश्रवण कार्यक्रम क्रियान्वयन और आपदा पुर्ननिर्माण एवं अनुश्रमण समिति के अध्यक्ष भी होंगे।
4. नारायणराम आर्य- पहले समाज कल्याण योजना एवं अल्पसंख्यक समिति के अध्यक्ष थे। अब एससीएसटी एएसपी अधिनियम अनुपालन एवं अनुश्रमण समिति के भी अध्यक्ष होंगे।
5. सरवत करीम अंसारी- अभी तक आवास विकास परिषद के अध्यक्ष थे। अब उत्तराखंड आवास विकास निधि परिषद और गन्ना एवं चीनी उद्योग विकास बोर्ड के भी अध्यक्ष होंगे।

6. हरी दास- राज्य श्रम बोर्ड के अध्यक्ष थे। हरिद्वार एवं रुड़की विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी होंगे।
7. सुंदर लाल मन्द्रवाल - मुख्यमंत्री के समाज कल्याण सलाहकार पहले से हैं। अब राज्य सम्पत्ति विभाग में भी मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए गए हैं।
8. मयूख महर- राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष पहले से हैं। अब सीमांत क्षेत्र कार्यक्रम परिषद के भी अध्यक्ष होंगे।
9. अनुसूया प्रसाद मैखुरी- नवगठित गैरसैंण अवस्थावना विकास परिषद के अध्यक्ष बनाए जाएंगे।
10. मदन बिष्ट- दो दिन पूर्व सभा सचिव बनाए गए हैं अब नवगठित गैरसैंण अवस्थापना विकास परिषद में उपाध्यक्ष भी होंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed