फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Garhwal Congress free after many leaders left party one more to Go in Bjp

Uttarakhand: गढ़वाल कांग्रेस मुक्त, टिहरी सीट पर कोशिश तेज...अब एक और विधायक पर भाजपा की निगाह

Mon, 18 Mar 2024 04:00 AM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादू
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादू Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 18 Mar 2024 04:00 AM IST
सार

Uttarakhand Lok Sabha Election 2024: तीन बार के विधायक भंडारी चमोली जिले की राजनीति में प्रभाव रखते हैं। जिला पंचायत सीट पर उनके परिवार का राज रहा है।

विज्ञापन
Uttarakhand Garhwal Congress free after many leaders left party one more to Go in Bjp
कांग्रेस - फोटो : PTI

विस्तार

टिहरी गढ़वाल में दो पूर्व विधायकों के भाजपा में शामिल होने के झटके के बाद बदरीनाथ सीट के विधायक राजेंद्र भंडारी ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। विधायक के इस्तीफे से कांग्रेस स्तब्ध है और भाजपा गढ़वाल संसदीय सीट के कांग्रेस मुक्त होने से उत्साहित है। गढ़वाल सीट में 14 विधानसभा सीटों में बदरीनाथ ही अकेली कांग्रेस के पास थी।

विज्ञापन


तीन बार के विधायक भंडारी चमोली जिले की राजनीति में प्रभाव रखते हैं। जिला पंचायत सीट पर उनके परिवार का राज रहा है। अध्यक्ष पद पर उनकी पत्नी रजनी भंडारी काबिज हैं। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर भंडारी और सत्तारूढ़ भाजपा में काफी कड़वाहट रही है। अब भाजपा में उनके आने के बाद मिठास घुलनी तय है।
विज्ञापन


भंडारी ने तब भी कांग्रेस नहीं छोड़ी थी, जब सतपाल महाराज भाजपा में गए थे और उनका बेहद करीबी होने के नाते सियासी हलकों में भंडारी के भी कांग्रेस को अलविदा कहने की चर्चाएं गर्म थीं। 2022 का चुनाव कांग्रेस से लड़े। भंडारी को कांग्रेस से तोड़ लेने और भाजपा में जोड़ लेने अभियान में जुटे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उत्तराखंड कांग्रेस को बड़ा झटका: बदरीनाथ विधायक भाजपा में हुए शामिल, एक और वरिष्ठ नेता ने छोड़ी पार्टी

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट कहते हैं, भंडारी से लंबी मंत्रणा हुई और वह भाजपा की विचारधारा से जुड़ने को तैयार हुए। बता दें कि भट्ट को बदरीनाथ सीट से भंडारी ने ही हराया था। भट्ट राज्यसभा में पहुंच चुके हैं। इसलिए बदरीनाथ सीट पर भंडारी ही पार्टी के अगले उम्मीदवार होंगे।प्रदेश अध्यक्ष ने मुताबिक जो भी विधायक अपनी पार्टी छोड़ कर भाजपा में आएगा उसे पार्टी उपचुनाव में उम्मीदवार बनाएगी। लिहाजा बदरीनाथ उपचुनाव में भंडारी का भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ना तय है।

गढ़वाल के साथ-साथ भाजपा ने टिहरी लोस सीट पर भी ऐसा अभियान छेड़ दिया है। गंगोत्री में कांग्रेस के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण व पुरोला के पूर्व विधायक मालचंद भाजपा की सदस्यता ले चुके हैं। टिहरी जिले के एक और कांग्रेस विधायक को पार्टी में शामिल कराने की चर्चाएं काफी समय से गर्म है।

तो ये थी सीएम के दिल्ली दौरे की वजह
सीएम पुष्कर सिंह धामी शनिवार को अचानक दिल्ली पहुंचे। उनके दिल्ली दौरे का राज कांग्रेस विधायक राजेंद्र भंडारी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद खुला। नई दिल्ली में पार्टी प्रभारी दुष्यंत गौतम व अन्य केंद्रीय नेताओं से सीएम ने चुनाव प्रचार के लिए मार्गदर्शन लिया। सोमवार को उनकी वापसी होगी।

12000 से ज्यादा लोग भाजपा में शामिल, अभियान तेज होगा
भाजपा ने ज्वाइनिंग अभियान के तहत दूसरे दलों के अभी तक 12000 से अधिक लोगों को पार्टी में शामिल कराया है। सभी लोकसभा क्षेत्रों से लोग भाजपा में शामिल हुए। पार्टी अध्यक्ष भट्ट के मुताबिक कई बड़े नाम आने वाले दिनों में भाजपा में शामिल होंगे।

अनुकृति और लक्ष्मी राणा की भी चर्चा
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की करीबी लक्ष्मी राणा और हरक की पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं भी कांग्रेस छोड़ चुकी हैं। इन दोनों के भी भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं हैं। हालांकि पार्टी में एक वर्ग इसके पक्ष में नहीं है।

कांग्रेसियों पर भी चढ़ने लगा मोदी -धामी का रंग
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के कामकाज के तौर तरीकों का रंग कांग्रेसियों पर भी चढ़ने लगा है। यही वजह है कि लगातार कांग्रेस के नेताओं की भाजपा में एंट्री हो रही है।

लोस चुनाव का एलान होने से पहले सीएम धामी सभी 13 जिलों में प्रवास कर चुके हैं। इन जनसंपर्क यात्राओं के दौरान उनकी सभाओं में उमड़ी भीड़ ने विरोधियों को जमीनी सच्चाई से अवगत करा असहज कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि चमोली और उत्तरकाशी में सीएम के दौरे दौरान कांग्रेस में सेंध लगाने की जो व्यूह रचना तैयार हुई थी, वह कांग्रेस के एक वर्तमान विधायक व दो पूर्व विधायकों के भाजपा में शामिल होने के रूप में चरितार्थ हुई। अभी और कांग्रेस नेताओं के पार्टी में शामिल होने की संभावना जताई जा रही हैं।

अभी भी जारी है हरक सिंह के भाजपा में जाने की चर्चा
सीबीआई जांच में फंसे पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के भी भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं फिर से शुरू हो गई हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलते ही हरक भाजपा में होंगे हालांकि पार्टी में एक बड़ा वर्ग नहीं चाहता कि हरक की भाजपा में वापसी हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed