{"_id":"618b40e9259b7f6b5d091b12","slug":"uttarakhand-foundation-day-youth-says-there-was-progress-but-development-was-limited-to-some-places","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य स्थापना दिवस: युवाओं का मंथन, बोले- तरक्की हुई, लेकिन विकास कुछ जगह तक सिमटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य स्थापना दिवस: युवाओं का मंथन, बोले- तरक्की हुई, लेकिन विकास कुछ जगह तक सिमटा
Wed, 10 Nov 2021 10:28 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 10 Nov 2021 10:28 AM IST
सार
21 साल के इस सफर में उत्तराखंड ने सफलता के कई मुकाम हासिल किए। कई चुनौतियों का सामना भी किया। कुछ में सफलता मिली और कुछ में जूझने, संघर्ष करने और नई राह की तलाश जारी है।
विज्ञापन
बानी थापा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंगलवार को उत्तराखंड अपना 22वां स्थापना दिवस मनाया। आंदोलन की आग में तपकर नौ नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य का जन्म हुआ। 21 साल के इस सफर में राज्य ने सफलता के कई मुकाम हासिल किए। कई चुनौतियों का सामना भी किया। कुछ में सफलता मिली और कुछ में जूझने, संघर्ष करने और नई राह की तलाश जारी है। राज्य के 22 वें स्थापना दिवस पर राज्य के युवाओं ने इस सफर में मिली तरक्की को माना, लेकिन साथ ही विकास की रफ्तार को बढ़ाने की बात कही। उनका मानना है कि युवाओं को अधिक सक्षम बनाने और उनके हाथों को काम सौंपने की जरूरत है।
विज्ञापन
तरक्की की इबादत में पहाड़ नदारद
राज्य ने तरक्की की है, लेकिन मुझे लगता है कि तरक्की की इस इबादत में पहाड़ नदारद रहा है। मैं रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त्यमुनि ब्लॉक से हूं। अच्छी शिक्षा के लिए मुझे अपना घर-गांव छोड़कर देहरादून आना पड़ा। मेरे जैसे बहुत से युवा हैं, जिन्हें अच्छी शिक्षा के लिए अपना घर-गांव छोड़ना पड़ रहा है। गांवों को भी आर्थिक रूप से उन्नत बनाने के लिए समर्पित प्रयासों की जरूरत है। सच्चे मायनों में विकास के लिए शहर, गांव, उद्योग और खेती के बीच की खाई को पाटना होगा। तरक्की केवल शहरी क्षेत्र तक नहीं सिमटनी चाहिए।
विज्ञापन
-कामिनी जोशी, छात्रा
21 साल का हुआ उत्तराखंड: पहाड़ में आज भी रोडवेज बसों का है इंतजार, निजी बस या डग्गामारी पर ही निर्भरता
विज्ञापन
युवाओं के लिए नई योजनाओं की जरूरत
बेरोजगारी इस वक्त बहुत बड़ी समस्या है। बड़ी संख्या में डिग्रीधारक युवा नौकरी के लिए परेशान हैं। सरकार को युवाओं को ध्यान में रखते हुए कुछ नए प्रोग्राम लाने की जरूरत है। पर्यटन, पर्यावरण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग-धंधे, रोजगार, कृषि हो या फिर सूचना तकनीक। कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हम अभी भी पीछे चल रहे हैं। युवाओं के पास नए विचार है। अगर उनकी ऊर्जा को सही दिशा में इस्तेमाल किया जाए तो यह राज्य के लिए भी लाभकारी होगा।
-ऋषभ, छात्र
उत्तराखंडी होना गर्व पर बतौर युवा राज्य से अपेक्षाएं अधिक
मैं बहुत गर्व महसूस करता हूं कि मैं देवभूमि से हूं। यहां की खूबसूरती हो या परंपराएं। अपने आप में अद्भुत हैं। हमारे सिर पर बाबा केदार का आशीर्वाद है। इससे बड़ी बात एक उत्तराखंडी के लिए क्या होगी? हमारे पास जो है उसके लिए हमें गर्व होना चाहिए, लेकिन हमारा राज्य एक आदर्श कहलाए। इसके लिए बहुत से प्रयास करने जाने की जरूरत है। उत्तराखंड एक युवा राज्य है और यहां की युवा शक्ति से ही राज्य को नई उड़ान मिल सकती है। राज्य सरकार युवाओं के लिए अवसरों को बढ़ाए। सरकार स्वरोजगार की बात तो कर रही है, लेकिन इसके नियम कुछ सरल करने की जरूरत है।
-अभिनव कंडारी, छात्र
महिला सुरक्षा को लेकर संतुष्ट पर अवसरों की कमी
अन्य राज्यों में जब महिला सुरक्षा की स्थिति देखती हूं, तो अपने राज्य को बेहतर पाती हूं। इस बात की संतुष्टि होती है, कि हमें डर-डरकर नहीं जाना पड़ता। महिला सुरक्षा को लेकर संतुष्ट हूं, लेकिन वहीं महिलाओं के लिए अवसरों की कमी से नाखुश हूं। आज भी हमारे राज्य में खासतौर पर पहाड़ की महिलाओं व बेटियों के सामने कई चुनौतियां है। मुझे लगता है कि महिलाओं की तरक्की के बिना किसी भी राज्य की तरक्की नहीं हो सकती। मैं फिल्म मेकिंग के क्षेत्र में काम कर रही हूं, लेकिन इस क्षेत्र में हमारे राज्य की लड़कियां न के बराबर है। अगर मैं राज्य में फिल्म इंडस्ट्री की ही बात करूं तो अपार संभावनाएं होने के बावजूद यहां के युवाओं को इस क्षेत्र में अवसर नहीं मिल रहे।
-बानी थापा, फिल्म मेकर