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उत्तराखंड स्थापना दिवस: हमने बहुत तरक्की की पर संभावनाएं कहीं अधिक हैं, पढ़िए पूर्व मुख्य सचिव की ये खास बातें
Wed, 09 Nov 2022 11:53 AM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 09 Nov 2022 11:53 AM IST
सार
आर्थिक संसाधन जुटाना राज्य के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन कुशल नीति नियोजन और वित्तीय प्रबंधन से इसका समाधान मुमकिन है। गैर जरूरी खर्चों में कटौती कर आय के नए संसाधनों को जुटाने पर जोर देना होगा। उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे ने उत्तराखंड की 22 वर्ष की यात्रा को लेकर अपनी बात रखी।
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पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव इंदु कुमार पांडे का मानना है कि 22 वर्ष की यात्रा में राज्य ने विकास के कई मुकाम हासिल किए, लेकिन उत्तराखंड की संभावनाएं और क्षमताएं इससे कहीं अधिक है। आर्थिक मामलों के जानकार पांडे राज्य के नियोजित और लक्ष्य आधारित विकास को हासिल करने के लिए दीर्घकालिक नियोजन की वकालत करते हैं।
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बकौल पांडे अब वक्त आ गया है कि नियोजन के मोर्चे को अधिक मजबूत किया जाए। बेशक, भौगोलिक कठिनाइयों की वजह से राज्य के सामने प्राकृतिक आपदाओं की चुनौती है। कुदरत की इस चुनौती पर हमारा वश भी नहीं है, लेकिन जो वश में है, उस पर काम करने की आवश्यकता है।
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पांडे के मुताबिक, राज्य में प्राकृतिक और मानव संसाधन की कमी नहीं है, आवश्यकता इसके सदुपयोग की है। आर्थिक संसाधन जुटाना राज्य के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन कुशल नीति नियोजन और वित्तीय प्रबंधन से इसका समाधान मुमकिन है। गैर जरूरी खर्चों में कटौती कर आय के नए संसाधनों को जुटाने पर जोर देना होगा।
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पूर्व मुख्य सचिव पांडे कहते हैं, ये मेरा व्यक्तिगत मानना है कि पहाड़ में उद्योग नहीं जा सकते। इसलिए यह ख्याल करने के बजाय पहाड़ की जो मजबूती है, उस पर काम करना होगा। उद्यानिकी और खेती पहाड़ों में नई राह खोल सकते हैं। हम सही नीति नियोजन, निगरानी और मूल्यांकन तंत्र के साथ काम करेंगे तो विकास के नए लक्ष्य हासिल करने में आसानी होगी।