उत्तराखंड: जोखिम का काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों की मौत पर मिलेगा शहीद के जैसा सम्मान
सरकार ने अब तय किया है कि बचाव, सुरक्षा जैसे जोखिम का काम करने वाले सरकारी कर्मियों की मौत पर शहीद जैसा सम्मान दिया जाएगा। संबंधित कर्मी के परिजनों को पुलिस के समान सहायता राशि और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
यह प्रस्ताव जल्दी ही मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सहायता धनराशि और सुविधाओं में एक रूपता रखने का निर्देश दिया है। वन मंत्री हरक सिंह के मुताबिक वन विभाग में तस्करों से मुठभेड़ करते हुए या गश्त के दौरान हिंसक जानवरों की चपेट में आने वाले वन कर्मियों के परिजनों को पुलिस के समान ही सहायता धनराशि और सुविधाएं देने की योजना है।
अब यह तय किया गया है कि इस प्रस्ताव की जद में अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी लाया जाए। मसलन आपदा प्रबंधन विभाग में ही बचाव दल बचाव एवं राहत कार्य में अपनी जान जोखिम में डालकर काम को अंजाम देते हैं।
इसी तरह अन्य विभागों के कर्मियों को भी चिह्नित किया जाएगा। वन मंत्री के मुताबिक यह प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। इसके निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। इसके साथ ही यह तय किया गया है कि आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं में भी एकरूपता रखी जाएगी। बता दें कि सरकार शहीद पुलिस कर्मियों के परिजनों को 15 लाख की आर्थिक सहायता, सेवा की अवधि तक पूरा वेतन और पेंशन देती है।