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देहरादून: आंगनबाड़ी केंद्र डाकरा का मामला, महालक्ष्मी किट में मिली एक्सपायरी खाद्य सामग्री, विभाग सख्त

Mon, 28 Sep 2026 10:34 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Mon, 28 Sep 2026 10:34 PM IST
सार

सात सितंबर 2026 को लाभार्थी को महालक्ष्मी किट वितरित की गई थी। किट में शामिल खाद्य सामग्री की वैधता अवधि 30 अगस्त 2026 को ही समाप्त हो चुकी थी।

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Dehradun: Case of Anganwadi Center Dhaka, Expired food material found in Mahalakshmi kit, departme
आंगनबाड़ी केंद्र(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आंगनबाड़ी केंद्र डाकरा में महालक्ष्मी किट में एक्सपायरी खाद्य सामग्री वितरित कर दी गई। इस मामले में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और वैधता अवधि के संबंध में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने गंभीरता दिखाई है।

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विभाग के निदेशालय ने 25 सितंबर को सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र भेजकर किट के वितरण और भंडारण में सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। मामला आंगनबाड़ी केंद्र डाकरा, गढ़ी कैंट, देहरादून से सामने आया है।
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विभाग के अनुसार सात सितंबर 2026 को लाभार्थी को महालक्ष्मी किट वितरित की गई थी। किट में शामिल खाद्य सामग्री की वैधता अवधि 30 अगस्त 2026 को ही समाप्त हो चुकी थी। यानी सामग्री की एक्सपायरी तारीख बीतने के बाद भी उसका वितरण कर दिया गया।
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विभाग ने इसे गंभीर मामला मानते हुए कहा कि ऐसी स्थिति से लाभार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने के साथ विभाग और राज्य सरकार की छवि भी प्रभावित होती है। निदेशालय ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर महालक्ष्मी किट के भंडारण और वितरण की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

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परियोजना कार्यालय में उपलब्ध किट और उसमें शामिल सामग्री का स्टॉक रजिस्टर में नियमित अद्यतन और सत्यापन करने को कहा गया है। साथ ही फर्स्ट-इन-फर्स्ट-आउट (एफआईएफओ) व्यवस्था लागू करने के निर्देश हैं। इसके तहत जिस सामग्री की वैधता पहले समाप्त होने वाली हो, उसका वितरण पहले किया जाना है।

निर्देशों में कहा गया है कि यदि किसी सामग्री की वैधता अवधि समाप्त होने के करीब है और निर्धारित समय में उसका वितरण संभव नहीं है तो बाल विकास परियोजना अधिकारी, मुख्य सेविका और पर्यवेक्षक को तत्काल सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। जरूरत पड़ने पर ऐसी सामग्री को उन आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्थानांतरित या पुनर्वितरित करने को कहा गया है, जहां उसका वैध अवधि में उपयोग संभव हो।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी लाभार्थी को ऐसी सामग्री न दी जाए जिसकी वैधता समाप्त हो चुकी हो। परियोजना स्तर पर स्टॉक की नियमित समीक्षा और भौतिक सत्यापन कर निकट-समाप्ति वाली सामग्री को प्राथमिकता से वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सामग्री की प्राप्ति से लेकर वितरण तक प्रत्येक स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न आए।

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