Uttarakhand Electricity Crisis: एक महीने के लिए टला संकट, केंद्र से मिलती रहेगी 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
राज्य को केंद्र के अनावंटित (अन एलोकेटेड) कोटे से मिल रही 300 मेगावाट बिजली की मियाद 28 फरवरी की रात को खत्म हो गई थी।
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उत्तराखंड में फिलहाल बिजली का संकट एक माह के लिए टल गया है। केंद्र सरकार ने 300 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति अब 31 मार्च तक जारी रहेगी। उधर, ऊर्जा निगम ने केंद्र सरकार के ई-बिडिंग दीप पोर्टल के माध्यम से कम अवधि के टेंडर के जरिये 250 मेगावाट बिजली और खरीद ली है।
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राज्य को केंद्र के अनावंटित (अन एलोकेटेड) कोटे से मिल रही 300 मेगावाट बिजली की मियाद 28 फरवरी की रात को खत्म हो गई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम और यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने अपने-अपने स्तर से कोटे को बढ़ाने की मांग की थी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने इस पर सैद्धांतिक सहमति भी दे दी थी। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ही इसका खुलासा कर दिया था। मंगलवार की देर रात ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। अब 300 मेगावाट (72 लाख यूनिट) बिजली राज्य को 31 मार्च तक मिलेगी। यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार से अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
महीनेभर में होगी करीब 150 करोड़ की बचत
यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि 300 मेगावाट बिजली करीब पांच रुपये प्रति यूनिट की दर पर मिलेगी। यूपीसीएल बाजार से नौ से 10 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद रहा है। इससे यूपीसीएल रोजाना करीब पांच करोड़ और महीनेभर में 150 करोड़ रुपये की बचत करेगा।
मुख्यमंत्री ने की फोन पर बात
बिजली संकट को देखते हुए विभागीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह को फोन किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को प्रदेश से जुड़े हालात बताए। चारधाम यात्रा के मद्देनजर बिजली किल्लत की ओर ध्यान खींचा। इसके बाद ऊर्जा मंत्री ने हरी झंडी दे दी।
बिजली संकट में गुजरा मार्च का पहला दिन
प्रदेश में केंद्र की विशेष राहत पर 300 मेगावाट बिजली मार्च के पहले दिन ग्रिड में नहीं मिल पाई। इस वजह से यूपीसीएल को महीने के पहले दिन काफी संकट से गुजरना पड़ा। आपूर्ति के लिए जहां अतिरिक्त बिजली खरीदनी पड़ी तो वहीं कई जगहों पर कटौती भी करनी पड़ी।
प्रदेश में बुधवार को बिजली की मांग चार करोड़ चार लाख 80 हजार यूनिट रही। इसके सापेक्ष यूपीसीएल को केंद्रीय व राज्य के पूल से दो करोड़ 80 लाख यूनिट मिली। बाकी करीब एक करोड़ 20 लाख यूनिट बाजार से खरीदनी पड़ी। यूपीसीएल ने बिजली संकट पर काबू पाने के लिए रियल टाइम मार्केट से 69 लाख 60 हजार यूनिट बिजली खरीदी। इसके अलावा शॉर्ट टर्म निविदा से यूपीसीएल को 50 लाख यूनिट खरीदी। इस तरह से बिजली आपूर्ति की चुनौती से निपटा गया।
बिजली की कमी की वजह से प्रदेशभर में कुछ जगहों पर बुधवार को कटौती भी की गई। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा कटौती हुई। हालांकि यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार का कहना है कि कुछ जगहों पर मामूली कटौती हुई है।