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Uttarakhand Election 2022: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया घोषणापत्र जारी, गैस सिलिंडर, बिजली-पानी के बिल 50 फीसदी करने का वादा

Tue, 08 Feb 2022 08:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 08 Feb 2022 08:43 PM IST
सार

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा-कांग्रेस ने भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बनाई है, लेकिन हम उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड का विकास करेंगे। 

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Uttarakhand Election 2022: Samajwadi Party releases manifesto for Uttarakhand
सपा मुखिया अखिलेश यादव - फोटो : पीटीआई फाइल फोटो

विस्तार

समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड की सत्ता में आने पर हर महीने एक गैस सिलिंडर और बिजली-पानी के बिलों में 50 फीसदी की छूट का वादा किया है। मंगलवार को लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया।

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सपा अध्यक्ष अखिलेश ने कहा कि विडम्बना है कि विगत 21 वर्षों से इस राज्य में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों ने राज्य को भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बना दिया है। इनके शासनकाल में प्रदेश की प्रगति अवरुद्ध रही। जनता का हर वर्ग अपने भविष्य को असुरक्षित और अपमानित महसूस कर रहा है।

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समाजवादी पार्टी एक स्वच्छ, भ्रष्टाचार मुक्त और विकासशील उत्तराखंड प्रदेश के निर्माण का वादा करती है। समाजवादी पार्टी सत्ता में आई तो समयबद्ध कार्य निष्पादन के साथ अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और गवर्नेंस की नई व्यवस्था होगी। पलायन रुकेगा, रोजगार मिलेगा, जल, जंगल और जमीन पर जनता का अधिकार होगा।

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अखिलेश ने कहा कि यूपी में 2012-17 के पांच वर्ष के समाजवादी सरकार के शासन काल में यूपी ने विकास की नई मंजिलें हासिल की हैं। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुईं। बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए अनेक जनहितैषी नीतियों का क्रियान्वयन हुआ। सड़कों, एक्सप्रेस-वे का विस्तार किया गया। नए विद्युत संयंत्र लगाए गए।

 

समाजवादी पार्टी उत्तराखंड वासियों के हर सुख दु:ख में साथ रही है। वर्ष 2013 की केदार आपदा में उनकी सरकार ने कई सौ बसों का बेड़ा ऋषिकेश-देहरादून भेजा था, ताकि फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। जब चमोली के तपोवन में आपदा आई तो जिस महिला मंदश्री देवी ने अपनी सूझबू से लोगों की जान बचाई थी, उन्हें सपा सरकार ने पांच लाख रुपये पुरुस्कार देकर सम्मानित किया।

 

समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड की प्रगति के लिए एक समाजवादी मॉडल तैयार किया है।  सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज हालात यह हैं कि 1768 गांव पलायन से वीरान हो चुके हैं। 2010 में लगभग 1100गांवों में पलायन हुआ था, जिसमें भारी वृद्धि हुई है।

पलायन रोकने को सपा का यह विजन
पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना तथा पर्वतीय क्षेत्रों में होटल या रिजार्ट बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराना। उच्च कोटि की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सभी जनपदों के जिला अस्पतालों को उच्चीकृत करना और प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र ब्लॉक स्तर पर बनाना। प्रत्येक जनपद में मिनी सिडकुल की स्थापना तथा इनमें स्थानीय उपलब्ध कच्चे माल से उद्योग चलाना।

शिक्षा में गुणवत्ता के लिए सभी महाविद्यालयों तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में आधुनिक उपकरणों से प्रयोगशाला और पुस्तकालयों की स्थापना। रिवर्स पलायन के लिए कार्य योजना तैयार कर मानवविहीन गांवों में पुन: जीवन की गतिविधियां शुरू करना। प्रदेश में नई कृषि नीति का लागू किया जाना ताकि मैदानी क्षेत्र तथा पर्वतीय क्षेत्र के किसानों को लाभ मिल सके। जैविक खेती, फल, पुष्प तथा पादपीय औषधि की खेती को बढ़ावा देंगे। 

यह भी किए वादे

-पर्वतीय क्षेत्रों में भू-बन्दोबस्त (चकबन्दी) प्रथम दो वर्षों में पूरा करना।
-बंद पड़ी विद्युत परियोजनाओं को चालू कर उत्तराखंड को बिजली प्रदेश (विद्युत प्रदेश) बनाना। बिजली उत्पादक प्रदेश होने के नाते बिजली के कुल उत्पादन का 12 प्रतिशत राज्य को मुफ्त मिलने का प्रावधान है। उससे मिलने वाली रायल्टी को मिलाकर उपभोक्ताओं को एक हिस्सा उपलब्ध कराया जाएगा।
-उत्तराखंडवासियों को हर महीने एक गैस सिलिंडर और बिजली पानी के बिलों में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
-चाय बगानों को पुनर्जीवित किया जाएगा। पर्वतीय क्षेत्रों में जलवायु का अध्ययन कर नए चाय बगानों को लगाना और टी-बोर्ड की स्थापना। 
-तीर्थाटन गढ़वाल मंडल में अधिक होता है। यात्रा सीजन में जाम की स्थिति रहती है इसके लिए वैकल्पिक रूटों का सर्वे कर उनका निर्माण।
-पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए उत्तराखंड के प्रवासियों को वरीयता देना।
-नैनीताल उच्च न्यायालय की एक बेंच की स्थापना देहरादून में करना ताकि उत्तरकाशी, पौड़ी, हरिद्वार, देहरादून के लोगों को नैनीताल न जाना पड़े।
-प्रदेश के पट्टे धारकों तथा नजूल की भूमि में काबिज परिवारों के पट्टों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया जाना (भूमिधरी का अधिकार)।
-प्रदेश में एक परिवार को एक निजी आवास बनाने के लिए रेत, लकड़ी, बजरी की मुफ्त व्यवस्था करना। 
-रेत/बजरी खदानों के पट्टे प्रदेश के बेरोजगार युवकों को दिया जाना।
-वन कानून को लचीला बनाते हुए जंगली जानवरों से मृत्यु पर 25 लाख का मुआवजा तथा यदि फसल को क्षति होती है तो उसकी भरपाई।
-समाजवादी सरकार के (2012-2017) कार्यों के उत्तर प्रदेश मॉडल पर उत्तराखंड का विकास सुनिश्चित करना।
-भ्रष्टाचार मुक्त लोक प्रशासन।
-उत्तराखंड के तीनों तत्वों -जल, जंगल, जमीन को संरक्षित करके प्रदेश के आर्थिक आधार को मजबूत किया जा सकता है। प्रदेश के इकलौते विश्व प्रसिद्ध कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय विवि का दर्जा दिलाया जाएगा।

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