{"_id":"61ff6d2bdbd3dc3ca626e63a","slug":"uttarakhand-election-2022-dehradun-tops-in-terms-of-most-leaders-voters-and-booths","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand Election 2022: सबसे ज्यादा नेता, मतदाता और बूथ के मामले में देहरादून अव्वल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand Election 2022: सबसे ज्यादा नेता, मतदाता और बूथ के मामले में देहरादून अव्वल
Sun, 06 Feb 2022 12:30 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 06 Feb 2022 12:30 PM IST
सार
निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में इस बार 11,647 बूथों पर चुनाव होगा। इनमें सबसे ज्यादा 1873 बूथ देहरादून जिले में हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इस बार के विधानसभा चुनाव में 81 लाख 72 हजार 173 मतदाता हैं और 94 हजार 471 सर्विस मतदाता हैं। निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, प्रत्याशियों, मतदाताओं और बूथों के मामले में देहरादून जिला पहले नंबर पर है। जबकि सर्विस मतदाताओं के मामले में पौड़ी जिला पहले नंबर पर है।
विज्ञापन
प्रदेश में इस बार 11,647 बूथों पर चुनाव
निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में इस बार 11,647 बूथों पर चुनाव होगा। इनमें सबसे ज्यादा 1873 बूथ देहरादून जिले में हैं। सबसे कम 361 बूथ रुद्रप्रयाग जिले में हैं। इसी प्रकार, सबसे ज्यादा 16 हजार 130 सर्विस वोटर पौड़ी जिले में हैं और सबसे कम 2192 सर्विस वोटर हरिद्वार जिले में हैं।
विज्ञापन
Arvind Kejriwal: उत्तराखंड के सातवें दौरे पर आज हरिद्वार में अरविंद केजरीवाल, तीन दिन तक करेंगे वास
विज्ञापन
मतदाताओं के हिसाब से देखें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा मतदाता 14 लाख 87 हजार 775 देहरादून जिले में और सबसे कम एक लाख 93 हजार 504 मतदाता रुद्रप्रयाग जिले में हैं। सबसे ज्यादा 236 पोलिंग बूथ देहरादून जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट पर हैं जबकि सबसे कम 123 बूथ हरिद्वार की लक्सर विधानसभा सीट में हैं।
किस जिले में कितने पोलिंग बूथ
उत्तरकाशी- 539
चमोली- 574
रुद्रप्रयाग- 361
टिहरी गढ़वाल- 951
देहरादून- 1873
हरिद्वार- 1716
पौड़ी गढ़वाल- 944
पिथौरागढ़- 599
बागेश्वर- 376
अल्मोड़ा- 911
चंपावत- 333
नैनीताल- 1005
ऊधमसिंह नगर- 1465
किस जिले में कितने मतदाता और कितने सर्विस वोटर
जिला- मतदाता- सर्विस मतदाता
उत्तरकाशी- 2,36,547- 3,389
चमोली- 2,99,044 -10,407
रुद्रप्रयाग- 1,93,504 - 5,361
टिहरी गढ़वाल- 5,31,491 - 5,769
देहरादून- 14,87,775 - 9,826
हरिद्वार- 14,20,182 - 2,192
पौड़ी गढ़वाल- 5,79,726 - 16,130
पिथौरागढ़- 3,83,092 - 14,700
बागेश्वर- 2,17,620 - 4,676
अल्मोड़ा- 5,40,561 - 7,367
चंपावत- 2,03,256 - 3,123
नैनीताल- 7,75,899 - 5,501
ऊधमसिंह नगर- 13,03,476 - 6,030
मतदाताओं के हिसाब से शीर्ष-तीन विधानसभा
धर्मपुर- 2,06,737 (पुरुष-1,11,239, महिला-95,492, थर्ड जेंडर-6)
रुद्रपुर- 1,92,593 (पुरुष-1,01,847, महिला-90,470, थर्ड जेंडर-6)
रायपुर- 1,77,176 (पुरुष-92,433, महिला-84,732, थर्ड जेंडर-11)
इस बार ईवीएम में दिखेगी नेताजी की तस्वीर
इस बार के विधानसभा चुनाव में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। एक ओर जहां ईवीएम में भी नेताजी की तस्वीर नजर आएगी तो दूसरी ओर पहली बार पूरे प्रदेश में अत्याधुनिक एम-3 ईवीएम से चुनाव होने जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में हर बार प्रत्याशी का नाम, उनका चुनाव चिन्ह होता था। इस बार के चुनाव एम-3 ईवीएम पर होंगे। इस ईवीएम पर प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिन्ह और रंगीन तस्वीर भी होगी। ईवीएम एम-3 में दायीं ओर प्रत्याशी का फोटो लगा रहेगा। ईवीएम में वोट डालते समय वोटर को अपना प्रत्याशी दिखाई देगा। यह तस्वीर इसलिए लाई गई है ताकि वोटर अपने प्रत्याशी को चेहरे से भी पहचान सके।
चुनाव में अभी तक मास्टर ट्रेनरों को अलग से कोई भुगतान नहीं होता था लेकिन इस बार के चुनाव में भुगतान की व्यवस्था होगी। अभी तक केवल कार्मिकों को काम के बदले दाम दिया जाता था लेकिन मास्टर ट्रेनरों को कोई मानदेय भुगतान नहीं होता था। इसके अलावा, चुनाव में राजनैतिक दलों के पोलिंग एजेंटों के लिए भी बदलाव किया गया है। नए नियम के मुताबिक, राजनीतिक दल का एजेंट वही बनेगा, जो उसी पोलिंग बूथ का वोटर भी होगा। यानी पहले की तरह अब कोई भी किसी बूथ का एजेंट नहीं बन पाएगा।
रुद्रपुर- 1,92,593 (पुरुष-1,01,847, महिला-90,470, थर्ड जेंडर-6)
रायपुर- 1,77,176 (पुरुष-92,433, महिला-84,732, थर्ड जेंडर-11)
इस बार ईवीएम में दिखेगी नेताजी की तस्वीर
इस बार के विधानसभा चुनाव में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। एक ओर जहां ईवीएम में भी नेताजी की तस्वीर नजर आएगी तो दूसरी ओर पहली बार पूरे प्रदेश में अत्याधुनिक एम-3 ईवीएम से चुनाव होने जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में हर बार प्रत्याशी का नाम, उनका चुनाव चिन्ह होता था। इस बार के चुनाव एम-3 ईवीएम पर होंगे। इस ईवीएम पर प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिन्ह और रंगीन तस्वीर भी होगी। ईवीएम एम-3 में दायीं ओर प्रत्याशी का फोटो लगा रहेगा। ईवीएम में वोट डालते समय वोटर को अपना प्रत्याशी दिखाई देगा। यह तस्वीर इसलिए लाई गई है ताकि वोटर अपने प्रत्याशी को चेहरे से भी पहचान सके।
चुनाव में अभी तक मास्टर ट्रेनरों को अलग से कोई भुगतान नहीं होता था लेकिन इस बार के चुनाव में भुगतान की व्यवस्था होगी। अभी तक केवल कार्मिकों को काम के बदले दाम दिया जाता था लेकिन मास्टर ट्रेनरों को कोई मानदेय भुगतान नहीं होता था। इसके अलावा, चुनाव में राजनैतिक दलों के पोलिंग एजेंटों के लिए भी बदलाव किया गया है। नए नियम के मुताबिक, राजनीतिक दल का एजेंट वही बनेगा, जो उसी पोलिंग बूथ का वोटर भी होगा। यानी पहले की तरह अब कोई भी किसी बूथ का एजेंट नहीं बन पाएगा।