Uttarakhand Election 2022: भाजपा-कांग्रेस के नए चेहरे और आप की एंट्री से कड़े मुकाबले के आसार, वोटर मौन
जनता फिलहाल अपनी चुप्पी तोड़ने के मूड में नहीं लगती है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है।
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विधानसभा चुनाव का महासंग्राम जारी है। सभी प्रत्याशी शाम, दाम, दंड और भेद की रणनीति अपनाते हुए अपनी जीत पक्की करने में लगे हुए हैं। कोई गारंटी देकर वोटरों को साधने का प्रयास कर रहा है तो कोई क्षेत्र को गुंडाराज से मुक्ति दिलाने के नाम पर वोट मांग रहा है। कोई विकास के नाम पर भी खुद को जिताने की अपील जनता से कर रहा है।
गली-मोहल्लों में लग रहीं चुनावी चौपालों पर नजर डालने से पता चलता है कि फिलहाल मतदाता पार्टी, प्रत्याशी और प्रत्याशियों के वादों पर विचार कर रहा है। जनता फिलहाल अपनी चुप्पी तोड़ने के मूड में नहीं लगती है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय बना हुआ है।
20 साल से हरभजन सिंह चीमा काशीपुर से चुनाव जीतते आ रहे हैं। एक बार को छोड़कर हर बार हमेशा मुकाबला सीधा रहा है। भाजपा और कांग्रेस में टक्कर होती रही है। 2017 के चुनाव में भी भाजपा और कांग्रेस में मुकाबला हुआ था। इस बार अकाली के भाजपा से अलग होने के बाद कहा जा रहा था कि शायद हरभजन सिंह चीमा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
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समीकरण गड़बड़ाता देख चीमा ने खुद के बजाय अपने बेटे को आगे बढ़ाया
ऐसे में भाजपा मेयर ऊषा चौधरी, राम मेहरोत्रा या किसी अन्य नेता पर दांव खेल सकती है। समीकरण गड़बड़ाता देख चीमा ने खुद के बजाय अपने बेटे त्रिलोक सिंह चीमा को आगे बढ़ाया। त्रिलोक के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाजपा से टिकट पाना था क्योंकि तब भाजपा में टिकट के नौ दावेदार हो गए थे।
अंत में टिकट त्रिलोक को दिया गया। हरभजन सिंह चीमा का गणित यहां तक ठीक था लेकिन गणित तब लड़खड़ाया जब एक होटल में बैठक के दौरान 70 से ज्यादा भाजपाइयों ने सामूहिक इस्तीफे पर हस्ताक्षर कर दिए। भाजपा का संगठन त्रिलोक के खिलाफ खड़ा हो गया। इसके बाद चर्चा होने लगी कि भाजपा प्रत्याशी की राह इस बार आसान नहीं होगी।
अब तक के चुनावों की अपेक्षा डगर इस बार ज्यादा चुनौतीपूर्ण है। कांग्रेस ने बगावत साधने के लिए पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा के बेटे नरेंद्र चंद सिंह को टिकट देकर पार्टी में बगावत होने से रोक ली। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी दीपक बाली शुरू से खुद को जनता का सेवक बताते रहे हैं।
काशीपुर के प्रमुख मुद्दे
जिला बनना, द्रोण सागर का जीर्णोद्धार, नए उद्योगों की स्थापना, काशीपुर को शिक्षा का हब बनाया जाना, एस्कॉर्ट फॉर्म का विकास करना काशीपुर के प्रमुख मुद्दे हैं। यहां कुल मतदाता 175420 हैं। इनमें
90722 पुरुष मतदाता और 84690 महिला मतदाता हैं।
हमारी जीत सुनिश्चित है। भाजपा का कैडर वोट हमारे साथ है। हम लगातार जीत की ओर बढ़ रहे हैं। कार्यकर्ताओं में काफ ी उत्साह देखने को मिल रहा हैए जिससे यह स्पष्ट है कि जीत हमारी होगी। -त्रिलोक सिंह चीमा, प्रत्याशी भाजपा
हमारा मुकाबला सभी प्रत्याशियों से है। पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार चुनाव प्रचार में लगे हैं। कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाएगी। हम निश्चित ही सफल होंगे। चुनाव के नतीजे हमारे पक्ष में रहेंगे।
-नरेंद्र चंद्र सिंह, प्रत्याशी कांग्रेस
मैं अपना मुकाबला किसी से नहीं मानता। मेरी जीत सुनिश्चित है। काशीपुर क्षेत्र की जनता ने 20 वर्षों तक जो अपेक्षा हैए उसके चलते आज वह मेरे साथ खड़ी है। आज घर.घर में दीपक बाली है।
-दीपक बालीए आप प्रत्याशी