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मास्साब नहीं छीन सकेंगे बेरोजगारों का हक
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 02 Oct 2014 03:02 PM IST
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में दोबारा नियुक्ति पाकर मनचाही तैनाती का सपना देख रहे 150 सहायक अध्यापकों को झटका लगा है।
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पूर्व एनओसी लेने के नियम का पालन नहीं किया
विभागीय निदेशक ने साफ कर दिया है कि पहले से कार्यरत शिक्षकों को इस नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अब एनओसी नहीं दी जाएगी। सिर्फ वे ही आवेदक पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने आवेदन से पहले ही एनओसी ली हो। लेकिन सूत्र बताते हैं कि सूची में शामिल 150 में से एक भी शिक्षक ऐसा नहीं है।
शिक्षक भर्ती में वरिष्ठता के आधार पर मनचाहे जिले में नौकरी पाने के लिए तीन वर्ष से सहायक अध्यापक का काम कर रहे 150 शिक्षकों ने दोबारा आवेदन कर दिया था।
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शिक्षा निदेशक बेसिक राकेश कुंवर ने कहा कि नियमावली के चलते विभाग इन शिक्षकों को आवेदन करने से नहीं रोक सका, लेकिन संबंधित शिक्षकों ने आवेदन से पूर्व एनओसी लेने के नियम का पालन नहीं किया।
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निदेशक का कहना है कि अब किसी भी शिक्षक को एनओसी नहीं दी जाएगी। कहा कि नियुक्ति विज्ञप्ति जारी होने से पहले नौकरी से त्यागपत्र देकर एनओसी लेने वाले शिक्षक ही नई भर्ती में शामिल हो सकेंगे। जिन शिक्षकों ने बिना एनओसी आवेदन किया, उन्हें चिह्नित कर चेतावनी जारी की जाएगी।
चयनित अभ्यर्थी देंगे शपथपत्र
चयनित अभ्यर्थियों से प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान शपथपत्र लिए जा रहे हैं। इसका मकसद यह है कि पहले से सहायक अध्यापक के तौर पर तैनात कोई शिक्षक नया नियुक्ति पत्र हासिल न कर से।
शिक्षा निदेशक बेसिक आरके कुंवर का कहना है कि इससे फर्जीवाड़े पर लगाम कसी जा सकेगी। कहा कि इसके बावजूद अगर कोई शिक्षक चोरी-छिपे बिना एनओसी लिए नियुक्ति पा जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
तब जागे अधिकारी
चयनित शिक्षकों की सूची जारी होते ही अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में शिक्षकों के खेल की पूरी जानकारी दी थी। इसके बाद ही विभागीय अधिकारी हरकत में आए।
सूची संशोधन, रिकाउंसलिंग की मांग
चयनित शिक्षकों की संशोधित सूची जारी करने की मांग पर बीएड टीईटी प्रशिक्षित बेरोजगारों का शिक्षा निदेशालय में क्रमिक धरना बुधवार भी जारी रहा। बेरोजगारों ने कहा कि एससीईआरटी की सूची में कई खामियां हैं। इसके बावजूद विभाग ने संशोधित सूची जारी नहीं की गई है।
उन्होंने संशोधित सूची और रिकाउंसिलिंग की मांग की है। बेरोजगारों ने कैबिनेट बैठक में पास शिक्षकों के 1800 पद बढ़ाने की मांग भी की। धरने पर अध्यक्ष बलदेव भंडारी, कैलाश शर्मा, मनवीर रावत, प्रमोद, अभिषेक, ऋषि भट्ट आदि बैठे।
सात अक्तूबर तक होगी काउंसिलिंग
शिक्षक भर्ती में चयनित 2794 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की जांच सात अक्तूबर तक होगी। कुछ जिलों में अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है, जबकि कई जगह अभ्यर्थी ही नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को दून में 220 जबकि बुधवार को 43 ही अभ्यर्थी आए।
शिक्षा निदेशक बेसिक राकेश कुंवर ने कहा कि कुछ अभ्यर्थी अब तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश भेज काउंसिलिंग के लिए एक सप्ताह का समय बढ़ाने के लिए कहा गया है। डीईओ बेसिक पद्मेंद्र सकलानी ने कहा कि सात अक्तूबर के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अवसर नहीं दिया जाएगा।