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Uttarakhand Disaster: प्रदेश में आपदा से 5700 करोड़ का नुकसान, केंद्र सरकार से मांगा आर्थिक पैकेज
Thu, 04 Sep 2025 07:52 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 04 Sep 2025 07:52 PM IST
सार
पत्र में कहा गया है कि इस साल मानसून के दौरान हुई क्षति की प्रतिपूर्ति व भविष्य में अवस्थापना संरचनाओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्रदान करें।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से 5700 करोड़ से अधिक का नुकसान का आकलन किया गया। राज्य सरकार ने नुकसान की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजकर आर्थिक पैकेज की मांग की है। आपदा से सड़कें क्षतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा नुकसान 1164 करोड़ का लोक निर्माण विभाग को हुआ है।
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सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने आर्थिक पैकेज के लिए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। इस साल मानसून के दौरान हुई क्षति की प्रतिपूर्ति व भविष्य में अवस्थापना संरचनाओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्रदान करें।
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सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि इस साल प्राकृतिक आपदा से लोक निर्माण विभाग एवं सार्वजनिक सड़कों को लगभग 1163.84 करोड़ रुपये सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों को 266.65 करोड़, ऊर्जा विभाग को 123.17 करोड़, स्वास्थ्य, विभाग की परिसम्पत्तियों को लगभग 4.57 करोड़, विद्यालयी शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 68.28 करोड़, उच्च शिक्षा विभाग की परिसम्पत्तियों को 9.04 करोड़, मत्स्य विभाग को 2.55 करोड़, ग्राम्य विकास विभाग को 65.50 करोड़, शहरी विकास को चार करोड़, पशुपालन विभाग को 23.06 व अन्य विभागीय परिसम्पत्तियों को 213.46 करोड़ का नुकसान हुआ है, इस तरह सभी राजकीय विभागों को कुल लगभग 1944.15 करोड़ रुपए की सीधे तौर पर क्षति हुई है। इन परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण के लिए 1944.15 करोड़ रुपये की मांग की गई।
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इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त होने वाले परिसंपत्तियों को बचाने, सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, आबादी वाले क्षेत्र व अन्य अवस्थापना संरचनाओं को स्थिर करने के लिए 3758.00 करोड़ की सहायता के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है।
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आपदा से पिछले 5 महीने में 79 लोगों की मौत, 90 लापता
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से एक अप्रैल, 2025 से 31 अगस्त, 2025 तक 79 व्यक्तियों की मौत हुई है, 115 लोग घायल हुए हैं, व 90 लापता हैं।
238 पक्के और दो कच्चे मकान ध्वस्त, 3237 क्षतिग्रस्त
आपदा से 238 पक्के और दो कच्चे मकान ध्वस्त हुए, जबकि 3237 क्षतिग्रस्त हुए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों में 2835 पक्के और 402 कच्चे मकान है। आपदा से कुल 3953 छोटे व बड़े पशुओं की मौत हुई है।
व्यावसायिक भवनों को भी हुआ भारी नुकसान
सचिव आपदा प्रबंधन के मुताबिक आपदा से व्यावसायिक भवनों को भी भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में व्यवसायिक भवन, दुकानें,होटल, होमस्टे, रेस्टोरेंट व अन्य संरचनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं।