उत्तराखंड: मतपत्रों में चुनाव चिन्ह के साथ फोटो मामले में हाईकोर्ट में होगी विस्तृत सुनवाई
नैनीताल हाईकोर्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के मतपत्रों में संसदीय व विधान सभा चुनाव की तर्ज पर मतपत्रों में चुनाव चिन्ह के साथ ही फोटो प्रकाशित करने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने विस्तृत सुनवाई का निर्णय लिया है। इस प्रकरण पर राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतपत्रों में प्रत्याशियों का फोटो प्रकाशित करना किसी भी दृष्टि से व्यावहारिक नहीं है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविकुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार गहलोत व अन्य ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के मतपत्रों में संसदीय व विधान सभा चुनाव की तर्ज पर मतपत्रों में चुनाव चिन्ह के साथ ही फोटो प्रकाशित करने के लिए निर्देशित करने की प्रार्थना की गई थी।
याचिका में कहा था कि मतपत्रों में फोटो होने से मतदाताओं को सुविधा हो जाएगी। आयोग की ओर से इस प्रकरण पर जवाब दाखिल कर कहा गया कि हरिद्वार सहित प्रदेश के 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में करीब एक लाख प्रत्याशी नामंकन करते है, नामांकन पत्र में फोटो लगाना संभव नहीं हो पाता है।
डीपीसी के चुनाव कराने के मामले में दिसंबर माह में होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने राज्य में जिला नियोजन समितियों (डीपीसी)के चुनाव कराने व जिलों को जारी 110 करोड़ पर रोक लगाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए दिसंबर माह में तिथि नियत कर दी है।
इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि सरकारी कोरोना महामारी नियंत्रण सहित अन्य व्यवस्थाओं में व्यस्त है और बिना सरकार के सहयोग से चुनाव नहीं कराए जा सकते हैं। इसलिए मौजूदा परिस्थितियों में डीपीसी चुनाव संभव नहीं है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार उत्तरकाशी के जिला पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। आयोग के अधिवक्ता संजय भट्ट ने कोर्ट को बताया कि डीपीसी के जिलों में करीब 1200 मतदाता हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के लिए दिसंबर माह में तिथि नियत की है।