फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uttarakhand Crime Investigation of Pradhan Mantri Poshan Yojana scheme scam handed over to an SIT

Uttarakhand News: प्रधानमंत्री पोषण योजना में तीन करोड़ से अधिक का गबन, एसआईटी को सौंपी जांच

Sun, 07 Sep 2025 11:39 AM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 07 Sep 2025 11:39 AM IST
सार

शिक्षा मंत्री के मुताबिक शिक्षा विभाग को पीएम पोषण प्रकोष्ठ देहरादून में वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिली थी। जिसकी विभागीय जांच में एक उपनल कर्मचारी को दोषी पाया गया है।

विज्ञापन
Uttarakhand Crime Investigation of Pradhan Mantri Poshan Yojana scheme scam handed over to an SIT
- फोटो : freepik.com प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

प्रधानमंत्री पोषण योजना में हुए तीन करोड़ रुपये से अधिक के गबन की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसके लिए अनुमोदन दे दिया है। मामले में छह जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सहित कुछ अन्य अधिकारी जांच के घेरे में हैं।

विज्ञापन


शिक्षा मंत्री के मुताबिक इसमें तत्कालीन अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई। जांच में पाया गया कि विद्यालयी शिक्षा विभाग के तहत देहरादून में पीएम पोषण प्रकोष्ठ में तीन करोड़ 18 लाख रुपये के सरकारी धन का गबन हुआ है।
विज्ञापन


अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता की गई जांच की विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी दी गई है। प्रकरण की तह तक पहुंचने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश की गई है। प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंपी गई है, ताकि घोटाले के आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी जिसने शासकीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


Uttarakhand Landslides: बारिश से कमजोर हुईं पहाड़ की भू-आकृतियां... शुरू हुए भूधंसाव; इन जिलों में बढ़ी चिंता

छह डीईओ बेसिक सहित कुछ अन्य अधिकारी जांच के घेरे में

शिक्षा विभाग में वर्ष 2023-24 से 2025-2026 तक तीन करोड़ 18 लाख से अधिक का गबन किया गया। विभागीय जांच में डीईओ बेसिक देहरादून के कार्यालय में कार्यरत उपनल कर्मचारी प्रत्यक्ष रूप से दोषी पाया गया है। वहीं, प्रकरण में छह जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक सहित वित्त एवं लेखाधिकारी भी जांच के घेरे में है। इन सभी के खिलाफ उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने बिना किसी जांच के पीएम पोषण संबंधी खातों से धनराशि का आनलाइन अवैध अंतरण विभिन्न खातों में होने दिया। शिक्षा मंत्री ने कहा, भविष्य में ऐसे प्रकरण न हो इसके लिए वित्तीय एवं अन्य गोपनीय काम केवल जिम्मेदार और सक्षम स्थाई कार्मिकों को ही सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed