हरीश रावत को रात को सपना होता, सुबह वो धरने पर बैठ जाते हैं: सीएम त्रिवेंद्र
- टीएचडीसी पर हरीश के धरने पर सीएम ने साधा निशाना, पूर्व मुख्यमंत्री ने भी किया पलटवार
- विस में प्रस्ताव पारित करा दें निजीकरण नहीं होगा, हम मान जाएंगे: हरीश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक दूसरे पर निशाने साधे। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री के अनशन पर यह कहकर तंज किया कि हरीश रावत को सपना आता है और वो धरने पर बैठ जाते हैं।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री ने भी अपने चिरपरिचित अंदाज में पलटवार किया कि त्रिवेंद्र बेशक टीएचडीसी का निजीकरण नहीं चाहते हों, लेकिन मोदी जी ने उन्हें कह दिया कि बेचो तो वे कुछ नहीं कर पाएंगे।पिछले काफी समय से सियासी हलकों में टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड के निजीकरण की चर्चाएं तैर रही हैं।
हरीश रावत के धरने की सियासत का शोर सचिवालय के गलियारों तक
मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तक सभी ऐसी किसी भी संभावना से साफ इनकार कर चुके हैं। लेकिन इन अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बृहस्पतिवार को ऋषिकेश पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेसजनों के साथ धरना दिया। हरीश रावत के धरने की सियासत का शोर सचिवालय के गलियारों तक भी पहुंचा।
सचिवालय में मुख्यमंत्री जब सांसद आदर्श ग्राम योजना की बैठक से बाहर निकले तो मीडियाकर्मियों ने उनसे हरीश रावत के धरने के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने धरने पर यह कहकर तंज किया,‘ हरीश रावत जी को रात को सपना होता है और वे सुबह धरने पर बैठ जाते हैं। मेरे संज्ञान में आज तक नहीं है कि टीएचडीसी का निजीकरण हो रहा है।
हरीश रावत जी कृपया इस तरह से जनता को बरगलाने का काम न करें।’ सीएम की इस नसीहत पर हरीश रावत ने चुटीले अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘वे विधानसभा में सत्र बुलाकर प्रस्ताव पास करा दें कि टीएचडीसी का कोई निजीकरण नहीं होगा। हम मान जाएंगे। बाकी हम जानते हैं कि त्रिवेंद्र सिंह उसे नहीं बेचना चाहेंगे। लेकिन मोदी जी ने उन्हें कह दिया बेचो तो त्रिवेंद्र कुछ नहीं कर पाएंगे।’