मोदी के 'डर' से उत्तराखंड के सीएम ने दिए पांच लाख
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मोबाइल बम डिटेक्टर डिवाइस ईजाद करने वाले देहरादून के इंजीनियरिंग के छात्र अभिलाष सेमवाल को उत्तराखंड सरकार से सहायता मिल ही गई।
अमर उजाला ने 29 दिसंबर-2013 के अंक में ‘उत्तराखंड के लाल को मोदी की कॉल’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में अभिलाष की खोज की जानकारी दी थी। अभिलाष 13 फरवरी को मुख्यमंत्री हरीश रावत मिले तो सीएम ने अमर उजाला की खबर उनकी फाइल में देखते ही संज्ञान लिया।
'नहीं होने दिया जाएगा प्रतिभा का पलायन'
मुख्यमंत्री ने अभिलाष से कहा कि प्रदेश की प्रतिभा का पलायन नहीं होने दिया जाएगा। शुक्रवार देर रात सरकार की तरफ से अभिलाष को पांच लाख रुपए की सहायता दे दी गई।
मूलत: कर्णप्रयाग निवासी ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय में बीटेक तृतीय वर्ष कंप्यूटर साइंस के छात्र अभिलाष ने ऐसा सेंसर ईजाद किया है जो कार में बम लगा होने पर उसकी तुरंत सूचना मोबाइल पर भेज देता है।
ग्लोबल समिट में अभिलाष को दुनिया की शीर्ष-20 टीमों में सातवां स्थान मिला, जबकि यूरोप की एक कंपनी ने अभिलाष को साइंस अचीवमेंट अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्ट किया।
दुनिया के शीर्ष-10 युवाओं में मिला सम्मान
अप्रैल में आईआईटी मुंबई में होने वाले कार्यक्रम में दुनिया के शीर्ष-10 युवाओं में से उन्हें भी यह सम्मान मिल सकता है। अभिलाष की खोज को देशभर में सराहना मिलने के बाद गुजरात सरकार ने बुलावा भेजा था। मोदी की टीम ने कहा था कि
इस डिवाइस को वह गुजरात के लिए बनवाना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी का नाम सामने आते ही प्रदेश सरकार ने अभिलाष को पांच लाख रुपए की मदद दे दी।
मुख्यमंत्री ने अभिलाष को शुभकामना देते हुए कहा कि राज्य की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन, बेहतर माहौल और संसाधन देने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि आर्थिक मदद से अभिलाष अपने प्रोजेक्ट को सुदृढ़ बनाएं और सरकार के पास लाएं। कहा कि यह प्रोजेक्ट सबसे पहले उत्तराखंड में लागू होगा।
चाचा-दादा कर रहे पढ़ाई में मदद
अभिलाष के पिता प्रकाश चंद सेमवाल का दो वर्ष पहले निधन हो चुका है। मां अंजना गृहिणी हैं। चाचा मुकेश चंद्र सेमवाल अभिलाष की पढ़ाई का खर्चा उठा रहे हैं।
बम डिटेक्टर प्रोजेक्ट पर अभिलाष ने अब तक 80 हजार रुपए खर्च किए हैं। प्रोजेक्ट को बड़ा बनाने में आर्थिक समस्याएं आड़े आ रही थीं। अभिलाष का कहना है कि अब उनकी राह आसान हो जाएगी।
विवि देगा स्कॉरशिप
अभिलाष की कामयाबी पर ग्राफिक एरा विवि के चेयरमैन कमल घनसाला ने उन्हें विवि में अध्ययन के दौरान प्रतिवर्ष 50 हजार रुपए की स्कॉरशिप देने की घोषणा की है।
प्रोजेक्ट बनाने के दौरान अभिलाष की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा था। कुछ पेपरों में उनकी बैक आ गई थी। घनसाला ने कहा कि अभिलाष के लिए विवि अलग से विशेष कक्षाओं की व्यवस्था करेगा।