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मंत्रीजी की शायरी ने दूर किया सीएम का दर्द
मनमीत रावत / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 18 May 2014 02:48 PM IST
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लोकसभा चुनाव में प्रदेश की पांचों सीटें हारने के बाद पहले से तय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंचे जरूर, लेकिन भाव कुछ अनमना सा था।
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रावत के चेहरे पर हार की मायूसी
चेहरे पर हार की मायूसी साफ पढ़ी जा सकती थी। सीएम के मनोभावों को शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने भांप लिया और फिर एक शेर सीएम की ओर उछाल दिया।
शेर सुनते ही सीएम मुस्कुरा उठे और लगा कि कुछ देर के लिए ही सही उनका दर्द कम हुआ है। शनिवार को नगर निगम के टाउन हाल में अवसर था श्री विश्वनाथ जगदीशिला डोली रथयात्रा के दून आगमन का।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत डोली से आशीर्वाद लेने यहां पहुंचे थे। सीएम ने डोली उठाई और इसके बाद मंच पर तय स्थान पर बैठ गए।
उस वक्त माइक शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने संभाला हुआ था। इस बीच मेयर विनोद चमोली आए और सीएम के बगल वाली कुर्सी पर बैठ गए। सीएम ने उनका स्वागत किया।
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इसके बाद कुछ देर दोनों में बातचीत हुई, लेकिन रावत के चेहरे पर अनमना भाव बढ़ने लगा। हाल में मौजूद लोग भी हार की वजह से सीएम की मन:स्थिति समझने लगे तो शिक्षा मंत्री सहारा देने आगे आ गए।
शेर सुन खिलखिला उठे सीएम
नैथानी ने सीएम की ओर इशारा करते हुए प्रख्यात शायर नरेश कुमार शाद का शेर पढ़ा, ‘तुमने हर गम को खुशी में ढाला है, तुम्हारा हर एक चलन निराला है। लोग जिन हादसों से मरते हैं, तुमको उन हादसों ने पाला है’।
शेर सुनते ही लंबे समय तक चुप्पी साधे रहे सीएम हरीश रावत मुस्कुरा उठे। इसके बाद नैथानी ने सीएम की जमकर तारीफ करते हुए निराश न होने की सलाह दी। इसके बाद सीएम कुछ सहज नजर आए।
तारीफ की, तोहफा पा लिया
मुख्यमंत्री की तारीफ शिक्षा मंत्री और डोली यात्रा के संयोजक मंत्री प्रसाद नैथानी ने यूं ही नहीं की।
कुछ ही देर बाद उन्होंने मुख्यमंत्री से कई मांगें भी मनवा लीं। इनमें टिहरी जिले की ग्यारह गांव हिन्दाव पट्टी के कई गांवों में सड़कों का निर्माण, यात्रा के लिए वार्षिक ग्रांट के साथ ही विशोन पर्वत को पर्यटन मानचित्र पर लाना प्रमुख रही।