उत्तराखंड कैबिनेट: पर्यटन कारोबार से जुड़े 50 हजार कर्मचारियों को सौगात, दी जाएगी आर्थिक मदद
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पर्यटन कारोबार के प्रभाव पर मंथन हुआ। इस दौरान सरकार ने पर्यटन कारोबारियों के लिए बड़ा फैसला लिया।
विस्तार
उत्तराखंड में पर्यटन कारोबार से जुड़े हुए 50 हजार कर्मचारियों को सरकार ने आर्थिक राहत की ऑक्सीजन दी है। उन्हें 2500 रुपये प्रति माह के हिसाब से दो माह की पांच-पांच हजार रुपये की मदद दी जाएगी।
कोरोना की पहली लहर में प्रदेश के 37,870 कार्मिकों को आर्थिक मदद दी गई थी। इस बार 50 हजार कार्मिकों को पांच-पांच हजार रुपये की मदद दी जाएगी। इसी प्रकार सरकार प्रदेश में पंजीकृत 352 टूर ऑपरेटरों को सरकार दस-दस हजार रुपये की मदद देगी।
एडवेंचर टूर ऑपरेटरों की परेशानी को भी सरकार ने समझा। कैबिनेट ने तय किया है कि प्रदेश में पंजीकृत 303 एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को दस-दस हजार रुपये की मदद दी जाएगी। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीन दयाल होम स्टे योजना के तहत प्रथम तीन माह के ऋण पर लिए जाने वाले ब्याज की प्रतिपूर्ति सरकार की ओर से की जाएगी। प्रदेश के 631 राफ्टिंग गाइडों को दस हजार रुपये प्रति गाइड के हिसाब से आर्थिक मदद दी जाएगी। यह सभी मदद इनके खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
पंजीकरण व लाइसेंस नवीनीकरण में भी छूट
कैबिनेट की बैठक में तय किया गया कि पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली के अंतर्गत पंजीकरण एवं लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी। गत वर्ष पंजीकृत 600 इकाईयों के आधार पर यह फैसला लिया गया है। इसी प्रकार, प्रदेश में पंजीकृत 301 राफ्टिंग एवं एयरो स्पोर्ट्स सेवा प्रदाताओं को यूटीडीबी और वन विभाग की ओर से लिए जाने वाले लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क में छूट प्रदान करने का फैसला लिया गया है। यह सभी मदद मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएंगी।
छोटे व्यवसाय के लिए सरकार से मिलेगी इमदाद
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय करने वालों की आजीविका कोविड महामारी के कारण प्रभावित हुई है। अब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अति सूक्ष्म उद्यम व व्यवसाय को अनुदान देने का फैसला लिया है। बुधवार को मंत्रिमंडल ने इसकी मंजूरी दे दी है। छोटे व्यवसाय के लिए योजना में बैंक से अधिकतम 10 हजार रुपये का ऋण लेने पर सरकार पांच हजार रुपये अनुदान देगी। प्रदेश में 20 हजार लोगों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
कोविड महामारी में आजीविका संचालित करने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में छोटे व्यवसाय को शामिल किया है। इससे जहां प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेेगा। वहीं, छोटे व्यवसाय के जरिये आजीविका चलाने वाले लोगों के हितों को ध्यान में रखा है। फल-सब्जी से लेकर अन्य कोई भी छोटे व्यवसाय शुरु करने के लिए बैंक से अधिकतम 10 हजार रुपये का ऋण मिलेगा। इस पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत या पांच हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इससे सरकार पर 10 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। जिसमें पांच करोड़ की राशि हंस फाउंडेशन की से दी जाएगी।
योजना में ये व्यवसाय शामिल
सूक्ष्म उद्योग के रूप में छोटे व्यवसाय सब्जी, फल विक्रेता, फास्ट फूड, चाय पकौड़ा, ब्यूटी पार्लर, इंब्रॉयड्री, सिलाई-बुनाई, बुक, बाइंडिंग, स्क्रीन प्रिंटिंग, चूड़ी, पेपर मैच क्राफ्ट, धूप अगरबत्ती निर्माण, झाड़ू निर्माण, रिंगाल, पेपर बैग, मोमबत्ती, देसी गाय पालन, मशरूम की खेती, साग सब्जी उगाने, मत्स्य पालन, मशीन रिपेयरिंग, फूल विक्रेता, कार वाशिंग, ब्लागिंग, ट्यूबर, बार्बर, पेन शॉप, डेयरी, बैकयार्ड पोल्ट्री, चिकन व मीट शॉप, बेकरी, कारपेंटर समेत अन्य व्यवसाय जिसकी लागत 10 हजार होगी। इसमें व्यवसाय के लिए बैंक से ऋण लेने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत या अधिकतम पांच हजार रुपये की अनुदान दी जाएगी।