उत्तराखंड: साइबर अपराधियों पर और सख्त होगा शिकंजा, साइबर संकट प्रबंधन योजना पर कैबिनेट ने लगाई मुहर
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अब साइबर अपराधियों पर राज्य सरकार और सख्ती से अंकुश लगा सकेगी। इसके लिए सरकार ने शनिवार को साइबर संकट प्रबंधन योजना पर कैबिनेट बैठक में मुहर लगा दी। यह योजना केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2019 में जारी की गई नीति के आधार पर तैयार की गई है।
कैबिनेट मंत्री एवं शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि साइबर हमलों और साइबर आतंकवाद से निपटने के लिए साइबर संकट प्रबंधन योजना 2020 को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 35 विभागों के 40 प्रोजेक्ट स्टेट डाटा सेंटर में होस्ट किए गए हैं।
यहां ई-डिस्ट्रिक्ट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाइन, सीएम डैशबोर्ड, गोपन, ई-मंत्रिमंडल, वीडियो कांफ्रेंसिंग, स्वान कनेक्टिविटी जैसे प्रोजेक्टों में महत्वपूर्ण सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है। राज्य सरकार के कई उपयोगी प्रोजेक्ट कई विभागों में चल रहे हैं, जिनमें सूचनाएं ऑनलाइन भेजी जा रही हैं।
इस लिहाज से भी साइबर सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। आईटीडीए की ओर से यह योजना तैयार की गई है, जो कि अपने प्रकाशन की तिथि से ही प्रदेश में लागू हो जाएगी। इस योजना के तहत जहां पूर्व में ही साइबर सुरक्षा को पुख्ता किया जा सकेगा तो कोई साइबर घटना होने के बाद उसकी पहचान और कार्रवाई में भी तेजी आ जाएगी।
दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
पुलिस ने फेसबुक और व्हाट्सएप के माध्यम से वाहन बेचने के नाम पर देशभर के लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर गैंग के दो अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों को मेवात (हरियाणा) और अलवर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया है। साइबर अपराध और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से किए जाने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए एसपी लोकेश्वर सिंह ने सभी थाना प्रभारियों और साइबर सेल को निर्देशित किया था। इसके तहत कई मामलों की जांच की गई। पाया गया कि साइबर ठगों ने ऑनलाइन स्कूटी बेचने के नाम पर वर्ष 2020 में थाना लोहाघाट क्षेत्र के थुवामेहरा निवासी मिलाप सिंह के पुत्र रवि मेहरा से 57000 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की। थाना लोहाघाट में धारा 420 आईपीसी, 66 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था।
कोतवाल धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से अज्ञात आरोपियों की पहचान की तो आरोपी मेवात (हरियाणा) और अलवर (राजस्थान) क्षेत्र में मिले। पुलिस टीम ने ढूंढखोज कर थाना पुनहाना, जिला मेवात, हरियाणा के ग्राम मनोता जमालगढ़ निवासी आरोपी राशिद खान (27) पुत्र जैकम और थाना माजरा, जिला अलवर, राजस्थान के कस्बा दौलतनगर निवासी साबिर अहमद (25) पुत्र रहमत खान को गिरफ्तार कर लिया।
टीम में शामिल रहे ये पुलिसकर्मी
साइबर ठगों को दबोचने वाली पुलिस टीम में कोतवाल धीरेंद्र कुमार, हरपाल सिंह, हरीश प्रसाद, तेज कुमार, बिहारी लाल, सुनील कुमार, प्रकाश मेहरा, गुलाम जिलानी, भुवन पांडेय आदि रहे।
अलवर में कुख्यात हैं टटलू गैंग के शातिर साइबर अपराधी
पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपित टटलू गैंग के शातिर अपराधी हैं। यह गैंग अलवर राजस्थान में कुख्यात है, जो लोगों को विश्वास में लेकर ठगी करते हैं। यह लोग फेसबुक आईडी हैक कर मैसेंजर के माध्यम से संबंधित व्यक्ति के दोस्तों, रिश्तेदारों से रुपयों की मांग करते हैं।
एसपी लोकेश्वर सिंह के अनुसार, आरोपितों के बैंक खातों में लाखों रुपये का लेनदेन पाया गया है। यह लोग अपने गैंग को मथुरा और अलवर राजस्थान से चलाते थे। छोटे-छोटे गैंग बनाकर काम करते हैं। यह अपराधी फर्जी मोबाइल एप के माध्यम से पैसा ट्रांसफर कर पैसे को ऑनलाइन बैंक खाते में डालकर निकाल लेते थे। पुलिस की ओर से कई बार जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी कई लोग साइबर ठगों के चंगुल में फंसकर ठगी का शिकार बन रहे हैं।
एसपी के अनुसार, दोनों आरोपितों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों आरोपी टटलू गैंग के लिए काम करते हैं, जो साइबर अपराध फेसबुक आईडी हैक कर मैसेंजर, ओएलएक्स, फेसबुक, व्हाट्सअप के माध्यम से सैनिकों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वाहन आदि बेचने के नाम पर भोले भाले लोगों को अपने विश्वास में लेकर ठगी करते हैं।