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कैबिनेट के प्रमुख फैसले, पढ़िए एक नजर में

Wed, 13 Aug 2014 02:51 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 13 Aug 2014 02:51 AM IST
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मुख्य सचिव ने बताया कि पहाड़ों में शिक्षा का स्तर उठाने और वहीं पर मौके उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने निजी यूनिवर्सिटी और संस्थानों को कई रियायतें देने का फैसला लिया है।

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पर्वतीय इलाकों में संस्थान खोलने पर सरकार वहां तक सड़क, पानी और बिजली की लाइन पहुंचाने का काम सरकार नि:शुल्क करेगी।

शैक्षणिक पूंजी निवेश करने वालों से अभी तक पूरे प्रदेश में दस लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस ली जाती थी जिसे घटाकर दो लाख रुपये कर दिया गया है। अभी तक ऐसे संस्थान खोलने के लिए साढ़े सात एकड़ भूमि की बाध्यता थी जिसे घटाकर पांच एकड़ कर दिया गया है।

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हरिद्वार विकास प्राधिकरण में अब रुड़की भी

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कैबिनेट ने रुड़की को हरिद्वार विकास प्राधिकरण के साथ जोड़ने का फैसला लिया है। नया हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण प्रदेश का सबसे बड़ा प्राधिकरण होगा। इसका क्षेत्राधिकार चार जिलों पौड़ी, टिहरी, देहरादून और हरिद्वार तक होगा।

मुख्य सचिव ने बताया कि इस प्राधिकरण में रुड़की नगर निगम, मंगलौर नगर पालिका और लंढौरा नगर पंचायत इसका हिस्सा होगी। प्राधिकरण में करीब 112 गांव भी जुड़ जाएंगे। स्वर्गाश्राम के पास जौंक गांव भी इसमें शामिल होगा।

ट्रैफिक जुर्माने की 75 फीसदी राशि सुधार में
ट्रैफिक पुलिस की ओर से वसूली जाने वाली जुर्माना राशि का 75 फीसदी हिस्सा ट्रैफिक सुधार में और 25 फीसदी पुलिस कर्मचारियों के वेलफेयर में खर्च हो सकेगी। कैबिनेट ने इसे प्रतिबंध के साथ अनुमति दे दी है।

कैबिनेट ने फैसला लिया है कि ट्रैफिक पुलिस जुर्माने में आई धनराशि को किस तरह खर्च करेगी इसका बजटीय प्रावधान आवश्यक होगा। इसे खर्च करने के लिए विधानसभा की मंजूरी आवश्यक है लिहाजा वित्त विभाग से बजटीय प्रावधान जरूरी होगा।

इस धनराशि को लेकर दो कमेटियों भी गठित की गई हैं जो इस पर निगरानी रखेंगी। एक कमेटी प्रमुख सचिव गृह और दूसरी पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में होगी।

पंत नगर विश्वविद्यालय करेगा पुलिस भर्ती

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कैबिनेट ने फैसला लिया है कि पुलिस, खुफिया और पीएसी से जुड़े करीब 339 पदों की भर्ती पंत नगर विश्वविद्यालय करेगा।

अभी तक समूह ग के पदों की भर्ती का जिम्मा प्राविधिक शिक्षा परिषद के पास था लेकिन उसके पास अन्य विभागों से संबंधित करीब पचास हजार आवेदन आ जाने से यह काम पंत नगर विश्वविद्यालय को सौंपा गया है।

इसमें करीब 257 पद नागरिक पुलिस, 38 खुफिया पुलिस और 44 पीएसी के हैं।

राज्य कर्मचारियों को सस्ता सामान
राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। यूपी से अलग होने केबाद यहां निगम नहीं था। इसकी मदद से प्रदेश भर में आउटलेट खोले जाएंगे जहां से वैट मुक्त सस्ता सामान कर्मचारियों को मिलेगा। इसका लाभ सभी निगमों, निकायों आदि को भी मिलेगा।

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उच्च शिक्षा संविदा शिक्षकों को बराबर वेतन

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उच्च शिक्षा में 2006-2008 के संविदा शिक्षकों को भी 2010 बैच के शिक्षकों की तरह ही 35 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। अभी तक वरिष्ठ होने के बावजूद इन्हें कम वेतन मिल रहा था।

दरअसल पहले 2006-2008 के शिक्षकों को नियमित करने की बात थी लेकिन कोर्ट में मामला उलझ जाने से कोई लाभ नहीं मिल रहा था। जबकि 2010 बैच का वेतन 25 से बढ़ाकर 35 कर दिया गया था। इससे करीब ढाई सौ संविदा शिक्षकों को लाभ मिलेगा।

पॉलीटेक्निक गेस्ट टीचर को 30 हजार प्रतिमाह
कैबिनेट ने पॉलीटेक्निक में पढ़ाने वाले अथिति व्याख्याता (गेस्ट टीचर) समेत तीन पदों के लिए वेतन की वृद्घि की है। अब गेस्ट टीचर को प्रतिमाह 30 हजार रुपये, कार्यशाला से जुड़े व्यक्ति को 20 हजार और कम्प्यूटर ऑपरेटर को 15 हजार रुपये मिलेंगे। इसमें सभी श्रेणी के करीब 1300 लोगों को लाभ मिलेगा। अभी तक इन्हें छह से दस हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहे थे।

वित्त विभाग का नया ढांचा, छह निदेशक

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कैबिनेट ने वित्त विभाग के नए ढांचे को मंजूरी दी है। अब विभाग में कुल 188 पद होंगे। हालांकि 184 लोग वर्तमान में काम कर रहे हैं। नए ढांचे से विभाग में ग्रेड और पदोन्नति जैसे मामलों में एकरूपता आएगी।

वहीं वित्त विभाग के डायरेक्टर ट्रेजरी की संख्या एक से बढ़ाकर कैबिनेट ने इनकी संख्या बढ़ाकर छह कर दी है। अब पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और पंत नगर विश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक बतौर निदेशक काम करेंगे।

इनका वेतनमान अब 8700 से बढ़ाकर दस हजार कर दिया गया है। छठे निदेशक को नए बनने वाले लेखा एवं हकदारी निदेशालय का जिम्मा दिया जाएगा। अभी तक यहां निदेशालय नहीं था।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इससे विभागों से जुड़े कर्मचारियों की पेंशन, जीपीएफ आदि का भुगतान वहीं से हो जाएगा। कैबिनेट ने राज्य लोक सेवा आयोग से जुड़े वार्षिक प्रतिवेदन को भी मंजूरी दी है जिसे विधानसभा में पेश किया जाएगा।

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