उत्तराखंड: 18 सालों में महज 24 हजार बेरोजगारों को ही मिला रोजगार, सामने आई हैरतअंगेज रिपोर्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 14 Feb 2019 09:10 AM IST
Uttarakhand budget session 2019 Only 24000 unemployed youths got job in last 18 years  
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एक तरफ जहां लाखों बेरोजगार युवा प्रदेश में नौकरी की राह देख रहे हैं वहीं रोजगार को लेकर एक और तस्वीर सामने आई है। विपक्षी विधायकों के हंगामे के चलते सदन में आज तीसरे दिन भी प्रश्न प्रहर नहीं चल सका। अलबत्ता विधायकों द्वारा पूछे गए तमाम सवालात के जवाब सरकार की ओर से सदन के पटल पर रखे गए।
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विधायक खजानदास और सुरेंद्र सिंह जीना के सवालों पर श्रम मंत्री की ओर से सदन को बताया गया कि राज्य में कुल 23 सेवायोजन दफ्तर हैं। इनमें 8,29,139 बेरोजगारों ने नौकरी की प्रत्याशा में पंजीकरण करा रखा है।


राज्य गठन के बाद से अब तक सेवायोजन दफ्तरों के माध्यम से कुल 24,056 बेरोजगारों को रोजगार दिया गया है। सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि एक अप्रैल-2014 से बेरोजगारों को रोजगार सह कौशल विकास भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है।

निजी चीनी मिलों पर 19679 लाख बकाया
विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल पर गन्ना मंत्री प्रकाश पंत ने सदन को बताया कि गन्ना उत्पादक किसानों का राज्य की निजी क्षेत्र की तीन चीनी मिलों लिब्बरहेड़ी, इकबालपुर और लक्सर पर 19,679 लाख गन्ना मूल्य बकाया है। राज्य की सहकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलें किसानों को पूरी कीमत अदा कर चुकी हैं। सरकार निजी क्षेत्र की मिलों से पैसा दिलाने की कोशिश कर रही है। इन मिलों के खिलाफ आरसी जारी करवाई जा रही है।

हरिद्वार जिले में 165 उद्योगों को बंदी नोटिस जारी
विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल पर विभागीय मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने सदन को बताया कि पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मौजूदा वित्तीय वर्ष में जांच के बाद हरिद्वार जिले में 1123 उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा 165 उद्योगों को बंदी के नोटिस निर्गत किए गए हैं।

जांच रिपोर्ट का कराया जा रहा परीक्षण
विधायक खजानदास के सवाल पर काबीना मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि रुड़की और देहरादून में एडीबी वित्त पोषित पेयजल और सीवरेज योजनाओं की जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराई गई है। इसकी रिपोर्ट शासन को मिल गई है और इसका परीक्षण कराया जा रहा है।

वन्यजीवों की वजह से किसी ने नहीं छोड़ी खेती
विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के सवाल पर विभागीय मंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्र में बंदर और सुअर आदि से फसलों को नुकसान तो हो रहा है। लेकिन इसी वजह से किसी के भी कृषि कार्य छोड़ने की कोई जानकारी सरकार के पास नहीं है।

किसी से नहीं वसूला गया जुर्माना
विधायक ऋतु खंडूड़ी के सवाल पर सरकार की ओर से बताया गया है कि गंगा और उसकी सहायक नदियों में कूड़ा और सीवरेज डालने पर रोजाना पांच हजार रुपये जुर्माने का नियम है। अभी तक किसी भी धर्मशाला, होटल या आश्रम से इस नियम के तहत जुर्माना नहीं वसूला गया है। इस मामले में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को कार्रवाई करने को कहा गया है।

 

नहीं हटेगा शीशमबाड़ा स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड
विधायक सहदेव पुंडीर के सवाल पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिश ने बताया कि शीशमवाड़ा में ट्रंचिंग ग्राउंड और प्रोसेसिंग प्लांट सभी मानकों को पूरा करते हुए स्थापित किया गया है। इसे स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

मसूरी में बनाया जाएगा वेंडर जोन
विधायक गणेश जोशी के सवाल पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि उत्तराखंड नगरीय फेरी व्यवसायी नियमवाली-2016 मसूरी में भी प्रभावी है। इसी नियमावली के तहत मसूरी में वेंडर जोन बनाए जाने का कार्यवाही चल रही है।

वन क्षेत्रों में हो रहा मामूली प्रदूषण
विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल पर विभागीय मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य स्तर पर वृहद स्तर पर बढ़ रही आबादी और उद्योगों के प्रदूषण की वजह से आबादी से लगे वन क्षेत्र में छुटपुट प्रदूषण की सूचना मिल रही है। इस समस्या का तत्काल निस्तारण भी कराया जा रहा है। वन क्षेत्रों में पॉलिथीन व कचरा फेंकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सीमा विस्तार वाले क्षेत्रों में होगा सर्वेक्षण
एक सवाल पर शहरी विकास मदन कौशिक ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सबके लिए आवाल (शहरी) के तहत आवास मांग सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। नगर निकायों के सीमा विस्तार के दौरान जो नए क्षेत्र जोड़े गए हैं, उन क्षेत्रों में यह सर्वे अभी किया जाना बाकी है।
 

वन गुर्जरों के पुनर्वास को बनेगी नीति
विधायक ऋतु खंडूड़ी के सवाल पर विभागीय मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व समेत राज्य से संरक्षित और आरक्षित वन क्षेत्रों में निवास करने वाले वन गुर्जरों के लिए एक नीति कैबिनेट की सब कमेटी में प्रस्तावित है। इस नीति के बारे में यथाशीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा।

पटना गांव के प्राकृतिक जल प्रपात का होगा विकास
विधायक ऋतु खंडूड़ी के सवाल पर वन मंत्री ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व में आने वाले पटना गांव के जल प्रपात का विकास किया जाएगा। इसके लिए ईको विकास समिति का गठन कर दिया गया है। यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 से आच्छादित है।

भोजन-पानी के लिए आबादी में आ रहे वन्यजीव
विधायक प्रीतम सिंह के सवाल पर वन मंत्री ने सदन को बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों के गांवों की ओर भोजन और पानी के लिए आने के कुछ मामले प्रकाश में आते रहे हैं। इन वन्यजीवों के प्राकृतिक वास में भोजन बनाए रखने के लिए तमाम इंतजामात किए जा रहे हैं। इसके लिए ग्रास लैंड का प्रबंधन किया जा रहा है और पेयजल के लिए तालाब व चेक डैम का निर्माण कराया जाता है।
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