उत्तराखंड के CM की जगह काम कर रहा है 'रॉकी डॉन'
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के प्रश्नकाल से पहले नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने दायित्वधारियों की नियुक्ति संबंधी मुख्य सचिव द्वारा लिखे गए पत्र को लेकर सरकार और मुख्यमंत्री पर जमकर हमला बोला।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार को मुख्यमंत्री हरीश रावत नहीं बल्कि कई मुख्यमंत्री संचालित कर रहे हैं। सरकार में शामिल कई लोग मुख्यमंत्री की तरह बर्ताव कर रहे हैं। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की सहमति बगैर दायित्वधारियों की नियुक्ति की जा रही है।
मुख्य सचिव द्वारा लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। मुख्य सचिव के पास फाइलें नहीं भेजी जा रही है। यदि फाइलें मुख्य सचिव के पास भेजी जाती तो उन्हें इस प्रकार का पत्र लिखने की जरूरत नहीं होती। कहा कि सरकार ने कई ‘राकी डॉन’ पाल रखे हैं।
सरकारी खजाने को लुटाया जा रहा है। गोपन से पत्रावली मंगाकर सदन पटल पर रखे जाने की मांग करते हुए कहा कि प्रश्नकाल से पहले इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए। जिस पर सदन अध्यक्ष ने प्रावधान दिया कि प्रश्नकाल के बाद इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाएगी। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रश्नकाल शुरू किया जा सका।
विधानसभा सत्र की कुछ झलकियां
‘गुलदार’ के साथ पहुंचे भाजपा विधायक
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले लैंसडौन से भाजपा विधायक दिलीप सिंह रावत गुलदार रुपी खिलौने के साथ सदन के मुख्य द्वार पर बैठ गए। इसी समय नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट भी पहुंच गए। रावत का गुलदार आकर्षण का केंद्र बना रहा। उनका कहना था कि सरकार गुलदारों को बचाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बना रही है।
चंदन-नंदन से मिलो काम हो जाएगा
सत्र के दौरान सदन में नंदन नंदन का भी जिक्र आया। भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार में किसी से कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है। बस चंदन-नंदन से मिलो, सरकार से जुड़ा कोई भी काम हो जाएगा। उनकी इस टिप्पणी पर सदन के भीतर हंसी के ठहाके फूट पड़े। हालांकि कई सदस्य काफी देर तक इस बात का कयास लगाते रहे कि आखिरकार यह चंदन-नंदन कौन हैं?
फायर अलार्म बजने से अफरा तफरी
विधानसभा सत्र के दौरान उस समय अफरा तफरी मच गई जब अचानक पुलिस कंट्रोल रूप में फायर अलार्म बज गया। कंट्रोल रूप में बैठे आला पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल अफसरों से जांच करने को कहा। तकनीकी विशेषज्ञों ने तत्काल जांच की। गनीमत रही कि कही पर कोई आग लगने जैसे जानकारी नहीं मिली। थोड़ी देर आवाज करने के बाद फायर अलार्म भी बंद हो गया। सब कुछ सुरक्षित होने के बाद ही अफसरों से राहत की सांस ली।