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Uttarakhand Assembly Session: भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सदन में हुआ जमकर हंगामा, पारित हुए छह विधेयक

Wed, 23 Dec 2020 10:42 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 23 Dec 2020 10:42 PM IST
सार

  • विपक्ष का वॉक आउट : सदन में 25 मिनट तक हुई तीखी नोकझोंक
  • आज महंगाई पर सदन में सरकार घेरने की तैयारी में विपक्ष
  • कर्मकार बोर्ड के मामले में घिरे हरक, प्रश्नकाल, शून्यकाल में उठा मामला

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Uttarakhand Assembly winter session 2020: Ruckus For corruption Matters, six bills passed
विधानसभा सत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड सदन में बुधवार को विपक्ष ने सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जमकर घेरा। दिनभर हंगामा चला, दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित हुई। बाद में सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया। अब बृहस्पतिवार को विपक्ष ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी की है।

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बुधवार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सदन का माहौल कार्यवाही शुरू होते ही गरमा गया। विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के तहत सीएम के ओएसडी केएस पंवार, कर्मकार बोर्ड, सीएम के स्टिंग, छात्रवृत्ति घोटाले आदि मामलों को उठाया। सरकार की ओर से कहा गया कि अधिकतर मामलों में या तो जांच हो रही है या फिर मामले कोर्ट में हैं।
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यह भी पढ़ें: Uttarakhand Assembly Winter Session : कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली का केंद्र को दोबारा प्रस्ताव भेजेगी सरकार
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इस पर पक्ष-विपक्ष के बीच करीब 25 मिनट तक तीखी बहस हुई। बाद में केएस पंवार के मामले को नियम 58 के तहत सुनने के लिए स्वीकार किया गया। विपक्ष ने केएस पंवार के मामले को मनी लांड्रिंग से जोड़ा। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि 2019 में इस मामले की जांच एसआईटी से कराई जा चुकी है और इसमें भ्रष्टाचार जैसा कोई मामला नहीं है।

आरबीआई से भी इस मामले में बात की जा चुकी है। इस पर पीठ ने इस मामले में चर्चा कराना अस्वीकार किया। इससे नाराज विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉक आउट कर दिया।

मंत्री हरक सिंह रहे निशाने पर

इससे पहले प्रश्नकाल और शून्यकाल में भी ट्रेजरी बैंच को विपक्ष के तल्ख रुख का सामना करना पड़ा। श्रम मंत्री हरक सिंह को कर्मकार बोर्ड के मामले में विपक्ष के सवालों का जवाब देना पड़ा। यह मामला विपक्ष ने भ्रष्टाचार पर चर्चा के प्रस्ताव के तहत भी उठाया था। हरक सदन में सफाई देते हुए भावुक भी हुए।

छह विधेयक पारित
सरकार ने राजभवन से लौटे दो विधेयकों सहित छह विधेयक पारित कराए। अंब्रेला विश्वविद्यालय विधेयक में एक संसोधन किया गया, जबकि उच्च शिक्षा से संबंधित दूसरे विधेयक को मूल रूप से पारित किया गया।

कर्मचारी और आपदा मामले में फैसला
कांग्रेस विधायक करन माहरा की ओर से उठाए गए पुरानी पेंशन बहाली मामले में सरकार ने केंद्र को दोबारा प्रस्ताव भेजना स्वीकार किया। इसी तरह हरीश धामी की ओर से उठाए गए धारचूला आपदा से प्रभावित लोगों के मालिकाना हक के मामले में सरकार ने परीक्षण कराने की हामी भरी।

बृहस्पतिवार का बिजनेस तय
सरकार ने सत्र के आखिरी दिन बृहस्पतिवार के लिए भी बिजनेस तय किया। कार्यमंत्रणा की बैठक में तय हुआ कि बृहस्पतिवार को असरकारी कार्य होगा और प्रस्तावों पर चर्चा होगी। प्रश्नकाल नहीं होगा।

सत्ता पक्ष के विधायक फिर नाराज

टनकपुर जौलजीवी रोड में भ्रष्टचार के मामले को उठा रहे सत्ता पक्ष के लोहाघाट विधायक पूरन फर्त्याल ने कहा कि सरकार जांच कराए। जांच में भ्रष्टाचार का मामला सामने नहीं आया तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। सत्ता पक्ष के विधायक राजकुमार ठुकराल ने सदन में नियम 300 के तहत सिडकुल में सड़क घोटाले का मसला उठाया।

विपक्ष का होमवर्क मंगलवार को कमजोर था और बुधवार को तो और भी कमजोर था। विपक्ष ने भ्रष्टाचार के दो मामले उठाए, दोनों ही मामलों में विपक्ष का होमवर्क कमजोर साबित हुआ। जब कुछ नहीं बचा तो फिर सदन से बाहर चले गए। अब सदन से कोई बाहर जाता है तो उसे रोक तो नहीं सकते। बृहस्पतिवार को भी सदन है और हमने कहा है कि विपक्ष चर्चा करे, जितनी करनी है।
- मदन कौशिक, संसदीय कार्यमंत्री

विपक्ष ने जो भी मुद्दे उठाए, उस पर सरकार की ओर से सही जवाब नहीं आया। संसदीय कार्यमंत्री ने आरबीआई से लेकर बाकी सबसे बात की। कई मामलों में सरकार को विपक्ष की बात माननी पड़ी। यही वजह रही कि विपक्ष सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से वॉक आउट कर गया। बृहस्पतिवार को विपक्ष मुख्य रूप से महंगाई का मुद्दा उठाएगा। सरकार को जवाब देना होगा।
- इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष

34 आईटीआई संस्थानों को ही एससीवीटी की मान्यता

उत्तराखंड में नेशनल काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग(एनसीवीटी) के तहत संचालित 87 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 34 को ही स्टेट काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग(एससीवीटी) से मान्यता दी गई। बिना मान्यता वाले संस्थान को एससीवीटी के तहत प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। कठपुड़ियाछीन आईटीआई के पर्याप्त जमीन उपलब्ध न होने के कारण संस्थान को बंद किया गया।

विधानसभा सत्र के तीसरे दिन प्रश्न काल में विधायक चंदन राम दास के सवाल के जवाब में कौशल विकास मंत्री हरक सिंह रावत ने सदन को अवगत कराया कि एनसीवीटी के नए मानकों के अनुसार नई आईटीआई खोलने के लिए संस्थान के पास 1.07 एकड़ भूमि के साथ स्वीकृत ट्रेडों के लिए कार्यशाला, क्लास रूम, ड्राईंग हाल,आईटी लैब, उपकरण का होना जरूरी है।

वर्ष 2011 में कठपुड़ियाछीना आईटीआई के लिए ग्राम सभा की मात्र एक हाल उपलब्ध कराया गया था। जिससे एनसीवीटी से मान्यता नहीं मिली है। इस संस्थान के लिए पांच नाली(0.100 हेक्टेयर) भूमि उपलब्ध है। जबकि नई नियमावली के लिए संस्थान के लिए 1.07 एकड़ भूमि चाहिए। 

ईको टूरिज्म ग्राम घोषित करने की योजना नहीं
विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल के जवाब में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने सदन को अवगत कराया कि ईको टूरिज्म ग्राम घोषित करने की विभाग में कोई योजना नहीं है। प्रदेश में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं है। इसे देखते हुए विभाग की ओर से ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में 1.10 करोड़ की राशि ईको टूरिज्म के अवस्थापना विकास व अन्य कार्यों खर्च किए। इसी तरह वर्ष 2018-19 में 80.70 लाख और वर्ष 2019-20 में 1.40 करोड़ खर्च किए गए हैं। 

वृक्षारोपण के लिए 9.78 करोड़ की राशि
विधायक देश राज कर्णवाल के सवाल के जवाब में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने सदन को अवगत कराया कि वृक्षारोपण कार्यों के लिए लगभग 9.78 करोड़ की राशि दी गई है। वृक्षारोपण का कार्य पंचायती वनों में रिक्त स्थान पर कराया जाता है। सरकार की ओर से वन पंचायतों को हर साल वित्तीय सहायता राशि दी जाती है। वर्ष 2017-18 में 6.22 करोड़, वर्ष 2018-19 में 15.32 करोड़, 2019-20 में 11.77 करोड़, 2020-21 में अब तक 8.80 करोड़ की राशि उपलब्ध कराई गई है।

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