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Uttarakhand Election 2022 : जनता जानती है तुष्टिकरण की राजनीति कौन कर रहा - गणेश गोदियाल
Sun, 13 Feb 2022 09:58 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 13 Feb 2022 09:58 AM IST
सार
समान नागरिक संहिता को लेकर किए गए गए एलान पर गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर तंज किया कि उन्हें यह कहने का अधिकार नहीं है।
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गणेश गोदियाल
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में गरमा रहे तुष्टिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि चुनाव में भाजपा का जहाज डूब रहा है और इसे बचाने के लिए वह ध्रुवीकरण के तिनके का सहारा ले रही है।
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प्रदेश की जनता जानती है कि तुष्टिकरण की राजनीति कौन कर रहा है। समान नागरिक संहिता को लेकर किए गए गए एलान पर गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर तंज किया कि उन्हें यह कहने का अधिकार नहीं है। अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता विनोद मुसान ने चुनावी सियासत को गरमा रहे कई अन्य मुद्दों पर कांग्रेस अध्यक्ष से बातचीत की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश...
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सवाल: पांच सौ रुपये में गैस सिलिंडर देने का आपने वादा किया है? इसका अर्थशास्त्र क्या है? कैसे कम कीमत पर लोगों को मुहैया कराएंगे?
जवाब: यह यथार्थ और धरातल पर टिका हुआ वादा है। वर्तमान सरकार ने अपनी वाहवाही को चमकाने के लिए विज्ञापनों पर, शानों शौकत पर तमाम खर्चे किए हैं। हम इन खर्चों पर लगाम लगाएंगे। इस राहत को प्रदेश की जनता को दिया जाएगा। सालभर में इस पर कितना व्यय आएगा, इसका भी हिसाब-किताब कर रखा है।
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सवाल: भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस चुनाव में ध्रुवीकरण और तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है? सच क्या है? आखिर कौन कर रहा है तुष्टिकरण की राजनीति?
जवाब: ध्रुवीकरण और तुष्टिकरण की राजनीति कौन कर रहा है, इसे हमारे प्रदेश की जनता बखूबी समझ रही है। कुछ दिन पहले किस तरह से कांग्रेस के नेताओं के चित्र से छेड़छाड़ करके सोशल मीडिया पर डाले, यह ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं है क्या? मुख्यमंत्री ने आज बयान में जो कुछ कहा, क्या वह ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं है।
सवाल: आखिरी समय में सीएम धामी ने समान नागरिक संहिता कानून बनाने की बात कही है। इससे आप कैसे निपटेंगे?
जवाब: मुख्यमंत्री का इस बारे में कोई बात करना, उनके अधिकार क्षेत्र का ही खुला उल्लघंन है। वह यह सब कहने के अधिकारी नहीं हैं। नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों से संबंधित कानून बनाना केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है। ऐसे में मुख्यमंत्री की ध्रुवीकरण की यह कोशिश डूबते हुए जहाज को तिनके का सहारा जैसी बात है।
सवाल: आप पर 70 विधानसभा सीटों में चुनाव लड़ाने का दारोमदार है। लेकिन आप खुद चुनाव लड़ रहे हैं? आपके लिए चुनाव लड़ना कितना चुनौतीपूर्ण है?
जवाब: श्रीनगर के तमाम लोग खुद को गणेश गोदियाल समझकर चुनाव प्रचार में लगे हैं। इस दौरान मुझे जब भी समय मिला, मैंने जनसभाओं और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों से यही अपील की है कि वह खुद को गणेश गोदियाल समझे और क्षेत्र और प्रदेश की बेहतरी के लिए वोट करें।
सवाल: भाजपा कह रही है उसने पांच साल बेहतर काम किया है। डबल इंजन की सरकार का असर प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। जनता सत्ता परिवर्तन कर आपको क्यों मौका दे?
जवाब: अगर भाजपा सरकार ने प्रदेश में काम किया है तो वह केंद्र के नेताओं का नाम लेकर क्यों वोट मांग रही है? अगर इन्होंने काम किया है तो बेरोजगारी में हमारा राज्य प्रथम क्यों आ गया?
सवाल: पार्टी ने सीएम चेहरा घोषित नहीं किया है। क्या आप भी सीएम की दौड़ में शामिल हैं?
जवाब: मैं इस दौड़ में कहीं शामिल नहीं हूं। मेरा एकमात्र मकसद है कि मुझे उत्तराखंड से बेरोजगारी को समाप्त करना है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में यही मेरा संकल्प है कि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए मैं खुश हूं और इस दौड़ में कतई शामिल नहीं हूं।
सवाल: आप भाजपा सरकार पर अवैध खनन का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस सरकार पर भी यही आरोप लगते रहे हैं?
जवाब: आरोप लगाना आसान होता है, लेकिन उसे प्रमाणित भी करना पड़ता है। कांग्रेस सरकार पर इनके द्वारा लगाए गए आरोप कहीं भी नहीं टीके। जबकि वर्तमान में अवैध खनन का हमारा जो आरोप है, उसकी पुष्टि मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात उनके पीआरओ की चिट्ठी से हो गया है।
सवाल: क्या बागी नुकसान पहुंचाएंगे? पार्टी कई सीटों पर बगावत से जूझ रही है?
जवाब: बागी कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। प्रदेश की जनता ने मन बना लिया है, इस बार कांग्रेस की सरकार लानी है।
सवाल: कांग्रेस ने चारधाम-चार काम की घोषणा की है, आर्थिक संसाधनों से जूझ रहे इस राज्य में पार्टी अपने वादे किस प्रकार पूरे करेगी?
जवाब: बेहतर आर्थिक प्रबंधन इन सब कामों की सफलता की कुंजी होगी। हमारा मानना है कि बेहतर आर्थिक प्रबंधन से हम राज्य की आय में वृद्धि कर सकते हैं और साथ-साथ जिन कामों का भी हमने जिक्र किया है, उन्हें पूरा कर सकते हैं। हम प्राकृतिक संसाधनों से हम आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की क्षमता रखते हैं।
सवाल: आम आदमी पार्टी खुद को तीसरे विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रही है। क्या आपको लगता है आप कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएगी?
जवाब: आम आदमी पार्टी का राज्य में कोई जनाधार नहीं है। उसे अभी खुद को स्थापित करने के लिए कम से कम दस साल पहाड़ के गाड़-गदेरों को नापना होगा। वह जो भी वोट ले जाएंगे, वह दोनों पार्टियों (भाजपा-कांग्रेस) के हिस्से के होंगे। इसलिए यह कहना कि वह कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं, कहना गलत होगा।