उत्तराखंड का रण: पूर्व मुख्यमंत्रियों की बेटियों के पास पिता की हार का बदला लेने की चुनौती, ऋतु दूसरी और अनुपमा पहली बार लड़ रहीं चुनाव
पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी की बेटी विधायक ऋतु खंडूड़ी कोटद्वार और पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण सीट से चुनाव मैदान में है।
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उत्तराखंड की सियासत में इस बार दो बेटियों के पास पिता की हार का बदला लेने का अवसर है। पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी की बेटी विधायक ऋतु खंडूड़ी कोटद्वार और पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत हरिद्वार ग्रामीण सीट से चुनाव मैदान में हैं। इन दोनों सीटों पर दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा था।
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इस बार कोटद्वार और हरिद्वार ग्रामीण सीट पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। खास बात यह है कि दोनों विधानसभा सीटों पर पूर्व मुख्यमंत्रियों की बेटी भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी हैं। ऋतु खंडूड़ी वर्तमान में पौड़ी जिले के यमकेश्वर विधानसभा सीट से विधायक है। लेकिन भाजपा ने उनका टिकट काट कर कोटद्वार सीट पर चुनाव मैदान में उतारा है।
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2012 में पूर्व सीएम भुवनचंद्र खंडूड़ी हार गए थे चुनाव
इस सीट पर वर्ष 2012 में पूर्व सीएम भुवनचंद्र खंडूड़ी चुनाव हार गए थे। उन्हें कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह नेगी ने 4623 मतों से हराया था। भुवन चंद्र खंडूड़ी को यहां से 27194 वोट मिले थे। जबकि सुरेंद्र सिंह नेगी ने 31797 मत लेकर जीत हासिल की थी। जबकि 2017 के चुनाव में कोटद्वार सीट से भाजपा ने हरक सिंह रावत को टिकट दिया था। जिस पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी। इस बार ऋतु खंडूड़ी के पास पिता की हार का बदला लेने का मौका है।
वहीं, हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीट से इस बार कांग्रेस ने पूर्व सीएम हरीश रावत की बेटी अनुपमा रावत को दांव लगाया है। वर्ष 2017 के चुनाव में हरीश रावत ने यहां से चुनाव लड़ा था। लेकिन वे चुनाव हार गए थे। भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद ने उन्हें 12278 मतों से हराया था। जबकि हरीश रावत को 32686 मत मिले थे।
अनुपमा रावत पहली बार चुनाव लड़ रही है और मुकाबला भाजपा के प्रत्याशी स्वामी यतीश्वरानंद से है। दोनों सीटों पर सभी लोगों की निगाहें टिकी है कि बेटियां पिता की हार का बदला ले पाएंगी।