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उत्तराखंडः स्थायी का उठा मुद्दा, ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा ने बदल दी सियासत

Fri, 06 Mar 2020 12:29 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, भराड़ीसैंण
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, भराड़ीसैंण Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 06 Mar 2020 12:29 PM IST
सार

  • पक्ष और विपक्ष के सदस्य अब कर रहे हैं स्थायी राजधानी की बात
  • कांग्रेस भी हुई मजबूर, तो सत्ता पक्ष और मजबूत होने को उठा रहा है मामला

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Uttarakhand: after summer capital issue of permanent capital raised
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व अन्य - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

गैरसैंण के ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने के बाद अब प्रदेश में स्थायी राजधानी के मुद़्दे ने भी सिर उठा लिया है। विपक्ष एलान कर ही चुका है कि गैरसैंण को हम ही स्थायी राजधानी घोषित करेंगे। उधर, जवाब में सत्ता पक्ष भी कह रहा है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी भाजपा ने घोषित की है, स्थायी राजधानी भी भाजपा ही बनाएगी।

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नेता सदन त्रिवेंद्र सिंह रावत के ग्रीष्मकालीन राजधानी के मास्टर स्ट्रोक का असर बृहस्पतिवार से दिखना शुरू हुआ। सत्ता पक्ष के विधायकों का जहां आत्मविश्वास बढ़ा हुआ दिखाई दिया। यह आत्मविश्वास सदन मेें संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक की ओर से विपक्ष पर पलटवार के रूप में सामने आया। यही उत्साह था कि नेता सदन माला पहनकर सदन में चले आए। यही विश्वास था कि सत्ता पक्ष के विधायक मुख्यमंत्री का स्वागत सदन में पहुंचते ही मेज थपथपा कर करते दिखाई दिए।
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सत्ता पक्ष का विश्वास बढ़ा है तो विपक्ष भी अब गैरसैंण को स्थायी राजधानी की मांग को खुलकर कहने का साहस कर पा रहा है। कांग्रेस विधायक दल ने तो बुधवार को ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी के पक्ष मेें फैसला दे दिया था। बृहस्पतिवार को भी विपक्ष स्थायी राजधानी के जवाब के सहारे सत्ता पक्ष के ग्रीष्मकालीन राजधानी के नारे की काट करता दिखाई देता रहा। जवाब में सत्ता पक्ष के विधायक भी कह रहे हैं कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी का तोहफा भी भाजपा की सरकार ही देगी।

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जो भी गैरसैंण की बात करेगा...

उत्साह का आलम ये था कि विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के विधानसभा भवन के बाहर पहुंचने पर, जो भी गैरसैंण की बात करेगा... का नारा लगाने से खुद को नहीं रोक पाए। स्पीकर ने नारा लगाया...जो भी गैरसैंण की बात करेगा..., बाकी लोगों ने इस नारे को यूं पूरा किया.....उत्तराखंड पर राज करेगा। स्पीकर पहले से ही गैरसैंण राजधानी के समर्थक रहे हैं और खुलकर इस बात को स्वीकार भी करते रहे हैं।

विपक्ष का संजीदा अंदाज, नियम कायदों की बात
सदन में दिन भर विपक्ष पर शायद ग्रीष्मकालीन राजधानी का दबाव ही था कि नियम कायदों पर अधिक ध्यान देता रहा। खुद नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का कहना था कि सरकार ने विपक्ष को विश्वास में लिए बिना ही यह घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने बजट भाषण के तहत यह घोषणा की और बजट में राजधानी का मुद्दा कहीं था ही नहीं। विपक्ष ने सदन में नेता सदन के माला पहनकर पहुंचने तक को मुद्दा बनाया। मदन कौशिक ने पीठ से जिला विकास प्राधिकरण के मामले में विपक्ष की चर्चा की मांग न मानने को कहा तो विपक्ष पीठ की ओर से निर्देेश पर अटक गया।

ग्रीष्मकालीन राजधानी की खुशी में सुबह होली, शाम को दिवाली

विधानभवन भराड़ीसैंण के साथ ही मंत्रियों और विधायकों के आवास दीपों से जगमग हुए। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने की खुशी भराड़ीसैंण में सूरज के  ढलने के समय भी दिखाई दी। दीपावाली की तरह ही विधानभवन के साथ ही मंत्रियों और विधायकों के आवास भी दीये और मोमबत्ती की रोशनी से नहा उठे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सुबह होली खेली गई थी।

शाम को दीपावाली मनाई। मुख्यमंत्री ने राज्य गठन के लिए शहीद हुए आंदोलनकारियों को याद किया। स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल, संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक सहित अन्य मंत्री इस उत्सव में शामिल हुए। सबने एक दूसरे को मिठाई थी। दीपोत्सव में विधायक, विधानसभा के  कर्मचारी आदि शामिल हुए।

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