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Uttarakhand: बंद हुए 350 प्लास्टिक उद्योग दोबारा होंगे शुरू, नए कारोबार के लिए सरकार देगी वित्तीय सहायता
Mon, 20 Feb 2023 10:32 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Mon, 20 Feb 2023 10:32 PM IST
सार
विधानसभा स्थित कार्यालय में उद्योग मंत्री ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर कहा, रोजगार देने में एमएसएमई की भूमिका अहम है। इस देखते हुए सरकार ने चार नई नीतियों को मंजूरी दी है।
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उद्योग शुरू करने को वित्तीय सहायता देगी सरकार
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
उद्योग मंत्री चंदन राम दास ने कहा, सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित होने से प्रदेश में प्लास्टिक विनिर्माण करने वाले 350 उद्योग बंद हुए हैं। अब इन उद्योगों को प्लास्टिक विकल्प के रूप में नया कारोबार करने के लिए सरकार की ओर से वित्तीय सहायता दी जाएगी। कहा, स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए बजट में 40 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी।
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सोमवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में उद्योग मंत्री ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर कहा, रोजगार देने में एमएसएमई की भूमिका अहम है। इस देखते हुए सरकार ने चार नई नीतियों को मंजूरी दी है। प्रदेश में 200 करोड़ से अधिक निवेश वाले उद्योगों को सरकार 10 साल के भीतर पूंजी निवेश पर छूट देगी।
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इसके अलावा स्टार्टअप योजनाओं के लिए 40 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया जाएगा। नए उद्यमियों को सरकार हरसंभव सहायता देगी। कहा, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुद्रा तथा स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री नैनो योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत शत प्रतिशत रोजगार देने का लक्ष्य हासिल किया गया।
उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री नैनो स्वरोजगार योजना के मानकों में संशोधन किया जाए। निजी औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए निवेशक के पास अपनी जमीन होनी चाहिए, जिसमें सरकार बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए अनुदान देगी।
कहा, निजी औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउस, कोल्डस्टोर, ट्रक टर्मिनल बनाने के लिए अनुदान दिया जाएगा। बैठक में सचिव उद्योग पंकज कुमार पांडेय, महानिदेशक रोहित मीणा, अपर सचिव देव कृष्ण तिवारी, निदेशक उद्योग सुधीर चंद्र नौटियाल आदि मौजूद थे।