सीमित, नियंत्रित और सुरक्षित चारधाम यात्रा की जाएगी शुरू: सीएम त्रिवेंद्र
- आठ जून से केंद्र ने धार्मिक स्थलों को खोलने की दी है अनुमति, एसओपी आएगी जल्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार सीमित, नियंत्रित और सुरक्षित चारधाम यात्रा शुरू करने की तैयारी कर रही है। आठ जून से केंद्र सरकार ने धार्मिक स्थालों को खोलने की अनुमति दी है। इसके लिए केंद्र से गाइडलाइन प्राप्त होते ही निर्णय लिया जाएगा।
सेल्फ क्वारंटीन के तीसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपने आवास से स्काइप के माध्यम से पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के अनुरूप इसको लेकर निर्णय लिया जाएगा। स्थानीय लोगों की मानसिकता उसी हिसाब से तैयार होनी चाहिए। कहा कि पर्यटन से जुड़े लोगों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
यह भी पढ़ें: चार धाम तीर्थपुरोहित हक हकूककधारी महापंचायत ने जताया विरोध, कहा- यात्रा शुरू करने पर फिर विचार करे सरकार
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े ढाई लाख लोगों को एक एक हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। पर्यटन क्षेत्र में कुछ और योजनाएं प्रदेश सरकार लेकर आएगी। इसके लिए प्लानिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दोबारा गति देने के लिए बहुत सी आर्थिकगतिविधियों को शुरू किया गया है।
रजिस्ट्री, स्टांप आदि से सरकार को राजस्व मिलने लगा है। युवाओं और प्रदेश में लौटे लोगों के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना प्रारम्भ की गई है। 25 प्रतिशत तक ऋण सब्सिडी दी जा रही है। रोजगार के विकल्प बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर कोशिशें हो रही हैं। किसान विकास योजना भी शुरू हुई है। और भी बहुत सी योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
प्रवासियों को रोजगार से जोड़ने को हो रहा सर्वेक्षण
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। औद्योगिक इकाईयों को संचालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि जब 2017 में जब सरकार सत्ता में आई थी तो जिलों में आईसीयू नहीं था, डाक्टर 1184 थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 2400 पहुंच गई है। तीन नए मेडिकल कॉलेज हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ में खुलने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दो लाख प्रवासी राज्य में लौटे हैं। इसमें से कई नौकरी छोड़कर आए हैं। उनके रोजगार को लेकर पूछे सवाल पर सीएम ने कहा कि प्रवासियों का सर्वेक्षण किया जा रहा है कि कौन क्या काम करता था। उसी हिसाब से सरकार उनके रोजगार और स्वरोजगार के लिए योजनाएं बनाएगी। प्रवासियों के लौटने से बढ़े संक्रमण पर उन्होंने कहा कि इसका सरकार को पहले से अंदाजा था कि संक्रमण बढ़ेगा।
इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। आने वाले दिनों में और मामले आएंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि कोरोना से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। जिन कोरोना संक्रमितों की मौत हुई उसकी वजह कोरोना नहीं था। आईसीयू, वेंटिलेटर की व्यवस्था कई गुणा बढ़ा दी गई है। प्रदेश में 14 हजार बेड की संस्थागत सुविधा है।