फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Union budget 2020: amar ujala samvad, every sector expectation

अमर उजाला संवाद: हर सेक्टर को केंद्रीय बजट में राहत की उम्मीद, बताई अपनी अपेक्षाएं

Fri, 31 Jan 2020 09:51 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 31 Jan 2020 09:51 PM IST
सार

  • उद्योग, व्यापार, सराफा, स्टार्ट अप, एमएसएमई, रियल इस्टेट से जुड़े कारोबारियों ने जताई आशा
  • इनकम टैक्स के स्लैब पर नौकरीपेशा और आम आदमी की नजर, जीएसटी आसान बनाने की मांग

विज्ञापन
Union budget 2020: amar ujala samvad, every sector expectation
संवाद के दौरान मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शनिवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से सभी सेक्टर के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उद्योग, व्यापार, सराफा, स्टार्ट अप, एमएसएमई, रियल इस्टेट, ऑटो सेक्टर से जुड़े लोगों ने बाजार में छायी सुस्ती को दूर करने के लिए विशेष बजट प्रावधान करने की आवश्यकता जताई है। शुक्रवार को पटेलनगर स्थित अमर उजाला कार्यालय में अलग-अलग सेक्टर से जुड़े लोगों ने आने वाले बजट को लेकर अपनी अपेक्षाएं और संभावनाएं बयान की। 

विज्ञापन


प्रत्येक सेक्टर से जुड़े व्यक्ति ने माना कि बाजार में सुस्ती है, जिससे निपटने के लिए बजट में कुछ राहत इंतजाम करने होंगे। विशेषकर इनकम टैक्स स्लैब, जीएसटी, रोजगार, उद्योग, स्टार्ट अप, रेलवे जैसे कुछ ऐसे सेक्टर हैं, जिन पर सबकी नजर लगी हुई है। आम आदमी इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद कर रहा है।
विज्ञापन


कॉरपोरेट और बैंकिंग सेक्टर का मानना है कि इनकम टैक्स स्लैब बढ़ने पर लोगों का ज्यादा पैसा बचेगा और उनकी कंज्यूमिंग पावर बढ़ेगी। लोग बाजार में ज्यादा खर्च करेंगे, जिससे लिक्विडिटी की कमी के कारण छाई सुस्ती काफी हद तक दूर हो सकती है। वहीं, उद्योग और कारोबार जगत जीएसटी छूट और रिटर्न की प्रक्रिया आसान होने की अपेक्षा कर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


संवाद में यह लोग रहे मौजूद

संवाद में इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, उत्तराखंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के समन्वयक महेश शर्मा, उत्तराखंड स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ कोहली, मार्बल एसोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम नौटियाल, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल समिति के प्रवक्ता अरविंद कुमार जैन, भाजयुमो महानगर अध्यक्ष श्याम पंत, पूर्व महानगर महामंत्री जोगेंद्र नेगी, मीडिया प्रभारी कृष्णा राठौड़, उपाध्यक्ष वरुण वालिया, भाजपा मीडिया सह प्रभारी संजीव वर्मा, निरंजनपुर मंडी समिति सदस्य रिंकू शंकर, सान्वी ऑटोमोबाइल के मालिक लक्षित बत्ता, प्रबंधक ओमप्रकाश, छाबड़ा बिल्डर्स के बद्रीश छाबड़ा, आरटीए सदस्य अनिल डबराल, छात्र शाश्वत उनियाल, मयंक चमोली, दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन, व्यापारी नेता रवि भाटिया, पूर्व सैनिक व वरिष्ठ नागरिक कैप्टन एचपी पुरोहित, गृहणी सरस्वती पुरोहित, टेक लीड के को फाउंडर नितिन चन्दोला, सामाजिक कार्यकर्ता नुपुर मोहंती, कारोबारी संजय भाटिया, उद्यमी मुकेश रतूड़ी, नरेंद्र उनियाल आदि मौजूद रहे।

किसने क्या कहा...

बाजार में इकोनॉमिक स्लो डाउन के साथ सरकार के टैक्स, रेवन्यू और सोर्स ऑफ इनमक में कमी आ रही है। सरकार को इनकम डिक्लरेशन स्कीम लानी होगी। इससे सरकार को राजस्व भी मिलेगा और बाजार में लिक्विडिटी भी बढ़ेगी। हम उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। -पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

केंद्र को हिमालयी राज्यों के पर्यटन के लिए विशेष योजनाओं पर काम करना चाहिए। राज्यों में पर्यटन की ढांचागत सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है। उत्तराखंड को जैसे पर्यटन उद्योग पर आधारित राज्य को इसका फायदा मिलेगा। -राजीव अग्रवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

छोटे दुकानदारों के लिए जीएसटी छूट की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। अभी जीएसटी छूट का लाभ न मिलने से कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार ने एक देश-एक टैक्स का नारा दिया था, उसे पूरी तरह धरातल पर उतारने की जरूरत है। -पंकज मैसोन, अध्यक्ष, दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल

आम आदमी को राहत देने वाले और विकास पर फोकस करने वाले बजट की जरूरत है। केंद्र सरकार संतुलित बजट लेकर आए। इसमें सभी सेक्टर को राहत देने के साथ फंड जुटाने पर ध्यान देने की जरूरत है। -अनिल डबराल, सदस्य, आरटीए

आम आदमी को राहत देने के लिए एजुकेशन लोन में राहत दी जानी चाहिए। सरकार अगर सभी तरह के टैक्स कम करेगी तो आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। योजनाओं के लिए फंड जुटाने को सरकार को अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। -नुपुर मोहंती, सामाजिक कार्यकर्ता

मार्बल मार्केट इस वक्त बहुत बुरे दौर में है। हमने 18 फीसदी जीएसटी पर माल खरीदा। माल पहुंचते ही जीएसटी घटकर नौ फीसदी हो गई। ऐसे में आठ फीसदी जीएसटी व्यापारियों को अपनी जेब से भरनी पड़ी। उत्पादन में राहत देने की जरूरत है। -सीताराम नौटियाल, अध्यक्ष, मार्बल एसोसिएशन

बजट किसानों, व्यापारियों, बेरोजगारों, उद्योगों के लिए राहत लाने वाला होना चाहिए। रेलवे बजट में उत्तराखंड की परियोजनाओं के लिए फंड की व्यवस्था की जाए। पहाड़ी राज्यों में विकास को गति देने के लिए अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था होनी चाहिए। -लाल चंद शर्मा, महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस

विषम हालात में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों को भी आयकर में छूट मिलनी चाहिए। भले ही उन्हें पांच प्रतिशत छूट का लाभ मिले लेकिन सरकार को सम्मान स्वरूप सैनिकों के लिए कुछ अलग प्रावधान करने चाहिए। -कैप्टन एचपी पुरोहित, पूर्व सैनिक व वरिष्ठ नागरिक

सरकार को चाहिए कि आम आदमी को राहत देने वाला बजट लेकर आए। लोगों की रसोई का खर्च कम हो। घर चलाना लगातार महंगा होता जा रहा है। इसमें कुछ राहत मिले इसके लिए विशेष इंतजाम करने चाहिए। -सरस्वती पुरोहित, गृहणी 

विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में स्थानीय लोगों को राहत मिलनी चाहिए। बड़े-बड़े टेंडर के बजाय उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर काम कराया जाना चाहिए। इससे स्थानीय छोटे कांट्रेक्टर को भी काम करने का मौका मिलेगा। -नरेंद्र उनियाल

ऑटो सेक्टर में छाई सुस्ती को दूर करने के लिए सरकार को जीएसटी दरों में राहत देनी होगी। एंट्री बाइकों पर 28 फीसदी जीएसटी लग रही है। इससे आम आदमी की बाइक की कीमत बढ़ रही है। बीएस-6 के बाद कीमतें और ज्यादा बढ़ेंगी। -लक्षित बत्ता, डायरेक्टर, सान्वी ऑटोमोबाइल 

आर्थिक नीतियां लचीली होनी चाहिए ताकि बाजार में लिक्विडिटी बढ़े। आम आदमी को राहत देने वाले प्रावधान किए जाने की जरूरत है। मध्य वर्ग इनकम टैक्स स्लैब में छूट की उम्मीद कर रहा है। -संजीव वर्मा, सह प्रभारी, भाजपा मीडिया

ऑटो सेक्टर में टैक्स बहुत ज्यादा है। उसमें कुछ कमी लाई जाए ताकि वाहन आम आदमी की पहुंच में रहे। अगर कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी तो लोग खरीदारी कैसे करेंगे। इससे सरकार को ही राजस्व का नुकसान होगा। -संजय भाटिया, कोराबारी

स्टार्ट अप में फंड की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने की जरूरत है। एग्रो प्रोडक्ट्स को टैक्स के दायरे से बाहर किया जाना चाहिए। मैनूफैक्चरिंग सेक्टर पर भी फोकस करने की जरूरत है। -नितिन चन्दोला, को फाउंडर, टेक लीड

खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। पहाड़ी खेती को प्रोत्साहन देने के लिए अतिरिक्त बजट प्रावधान होने चाहिए। बजट में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
-श्याम पंत, महानगर अध्यक्ष, भाजयुमो

जीएसटी के रिएंबर्समेंट में बहुत ज्यादा समय लग रहा है। बैंक से लोन मिलना मुश्किल होता जा रहा है। सरकार ने 20 प्रतिशत सामान एमएसएमई से खरीदने की व्यवस्था की है। इसमें सामानवार 20 फीसदी करने की जरूरत है। -महेश शर्मा, समन्वयक, उत्तराखंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन

पहले व्यापारी तीन महीने में एक बार टैक्स को लेकर चिंतित होता था। अब जीएसटी ने दिक्कतें बढ़ा दी हैं। जीएसटी की प्रक्रिया को आसान करने की जरूरत है। महिलाओं को इनकम टैक्स में विशेष छूट दोबारा मिलनी चाहिए। -अरविंद कुमार जैन, प्रवक्ता, प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल समिति

सीनियर सिटिजंस को पहले बैंक में रेट ऑफ इंट्रेस्ट ज्यादा मिलता था, जिसे बंद कर दिया गया। उसे दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। वरिष्ठ नागरिको को इनकम टैक्स में भी छूट दी जानी चाहिए। -रिंकू शंकर, सदस्य, निरंजनपुर मंडी समिति

बाजार में जो निराशा का माहौल बना है, बजट राहतों से ही उसे दूर किया जा सकता है। लोगों के पास पैसा होता तभी तो वो खर्च करेंगे। इनकम टैक्स के स्लैब में छूट मिलनी ही चाहिए।
-बद्रीश छाबड़ा, छाबड़ा बिल्डर्स

एजुकेशन सेक्टर का बजट बढ़ाया जाना चाहिए। कॉलेजों में सुविधाओं और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर फोकस करने की जरूरत है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें और स्वरोजगार व स्टार्ट अप को प्रोत्साहन मिले, इसके इतंजाम होने चाहिए।
-शाश्वत उनियाल, छात्र

इनकम टैक्स कलेक्शन घटा

संवाद में सभी ने एक स्वर में इनकम टैक्स का स्लैब बढ़ाने की मांग की। पंकज गुप्ता ने कहा कि देश में पिछले साल इनकम टैक्स कलेक्शन घटा है। ऐसे में स्लैब बढ़ाने से लाखों लोग इसके दायरे से बाहर हो जाएंगे। सरकार का जो टैक्स कलेक्शन घटेगा, उसका सीधा असर विकास कार्यों और योजनाओं पर पड़ेगा। व्यापक अर्थों में देखें तो स्लैब बढ़ने से इनकम टैक्स की कलेक्शन और ज्यादा घट जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed