फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Uniform Civil Code After implementation of UCC every district is getting 174 applications daily

Uttarakhand: यूसीसी लागू होने के बाद हर जिले में रोजाना मिल रहे 174 आवेदन, लिव इन के लिए भी आए 46 आवेदन

Fri, 18 Apr 2025 04:58 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 18 Apr 2025 04:58 PM IST
सार

यूसीसी लागू होने के बाद हर जिले में रोजाना 174 आवेदन मिल रहे हैं। 73 हजार आवेदन केवल विवाह पंजीकरण के लिए हैं। जबकि लिव इन रिलेशनशिप के लिए भी 46 आवेदन आए हैं। 

विज्ञापन
Uniform Civil Code After implementation of UCC every district is getting 174 applications daily
पंजीकरण - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राज्य में यूसीसी कानून लागू होने के बाद सरकार को अब तक 94 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 73,093 आवेदन केवल विवाह पंजीकरण के लिए हैं। नए कानून के तहत लिव इन रिलेशनशिप के लिए 46 आवेदन किए गए हैं। यह जानकारी सचिव गृह शैलेश बगौली की समीक्षा बैठक के दौरान दी गई। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में यूसीसी पोर्टल पर विभिन्न सेवाओं के पंजीकरण के बारे में जानकारी ली।

विज्ञापन

बैठक में बताया गया कि यूसीसी पोर्टल पर हर जिले से रोजाना औसतन 174 आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। अभी तक 19,956 आवेदन पंजीकृत विवाह की स्वीकृति के लिए 430 वसीयतनामा के लिए, 136 तलाक/विवाह की शून्यता और चार आवेदन बिना वसीयत उत्तराधिकार के संबंध में किए गए। इनमें से 89 प्रतिशत आवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

विज्ञापन


वीडियो केवाईसी की बाध्यता समाप्त 
करीब पांच प्रतिशत आवेदन निरस्त किए गए तथा शेष प्रक्रियाधीन हैं। वर्तमान में औसतन 174 आवेदन प्रति जनपद प्रतिदिन प्राप्त हो रहे हैं। सचिव बगौली ने जिलाधिकारियों को यूसीसी से संबंधित सेवाओं, विशेष रूप से विवाह पंजीकरण के क्षेत्र में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए शिविरों का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कर्मचारियों के शत-प्रतिशत विवाह पंजीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस संबंध में शासन से आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके हैं। बैठक में बताया कि अब 2010 से पहले के पंजीकृत विवाह की स्वीकृति के लिए वीडियो केवाईसी की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। 2010 व उससे बाद विवाह पंजीकरण की स्वीकृति के लिए वीडियो केवाईसी बाध्यता रहेगी । यूसीसी सर्टिफिकेट को डिजीलॉकर में उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।

आवेदन निरस्त क्यों हो रहे हैं, समीक्षा करें डीएम

सचिव ने निर्देश दिए जिन जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं उन पर आपत्ति करते हुए निरस्तीकरण के कारणों की समीक्षा की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2010 के बाद हुए विवाह के पंजीकरण में रुद्रप्रयाग (29 प्रतिशत), उत्तरकाशी (23 प्रतिशत) और चमोली (21 प्रतिशत) ने उल्लेखनीय प्रगति की है।

ये भी पढ़ें...Roorkee:  फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए 12 नाबालिगों की हरकत...छात्र का अपहरण कर किया ऐसा हाल, इंस्टा पर डाला वीडियो

अब केवल 382 पंचायतों से आवेदन प्राप्त नहीं हुए

बैठक में बताया गया कि पिछले एक माह में प्रदेश की लगभग सभी ग्राम पंचायतों को यूसीसी सेवाओं से आच्छादित करने के लक्ष्य में तीव्र प्रगति हुई है। जहां पहले 4,141 ग्राम पंचायतें शेष थीं, अब मात्र 382 पंचायतें ऐसी रह गई हैं। जिनसे अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इस के लिए भी सचिव ने अभियान चलाकर जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के कार्य करने के निर्देश दिए।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed