UKSSSC: पेपर लीक मामले में लखीमपुर खीरी का कारोबारी गिरफ्तार, गैंगस्टर सादिक मूसा को बेचा था प्रश्नपत्र
जांच में लखीमपुर खीरी के पेट्रोल पंप कारोबारी रुपेंद्र जायसवाल का नाम भी सामने आया था। उस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पता चला कि इस वक्त रुपेंद्र सर्जन अपार्टमेंट केशवनगर, मडियागांव, लखनऊ में रह रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तत्काल एक टीम लखनऊ भेजी गई।
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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने लखीमपुर खीरी के एक कारोबारी रुपेंद्र जायसवाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान और सादिक मूसा का खास गुर्गा है। उसने आरएमएस के एक कर्मचारी से पेपर लेकर पांच लाख रुपये में गैंगस्टर सादिक मूसा को बेचा था।
इसके बाद विभिन्न कड़ियों से होता हुआ पेपर अन्य आरोपियों तक पहुंचा। फिर अभ्यर्थियों को उत्तर याद कराए गए। मामले में एसटीएफ आरएमएस के एक कर्मचारी की तलाश कर रही है। एसटीएफ के एएसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में अब तक 44 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसटीएफ लगातार कड़ियां जोड़ रही है।
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जांच में लखीमपुर खीरी के पेट्रोल पंप कारोबारी रुपेंद्र जायसवाल का नाम भी सामने आया था। उस पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पता चला कि इस वक्त रुपेंद्र सर्जन अपार्टमेंट केशवनगर, मडियागांव, लखनऊ में रह रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए तत्काल एक टीम लखनऊ भेजी गई। टीम ने शनिवार शाम को रुपेंद्र को लखनऊ स्थित उसके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान को वर्ष 2011 से जानता है। वह कंपनी में आता-जाता रहता था।
इस दौरान उसकी मुलाकात वहां के कर्मचारी कसान से हुई। कसान ने उसे वर्ष 2021 में होने वाली स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर के बारे में बताया। रुपेंद्र ने यह बात अपने आका गैंगस्टर सादिक मूसा को बताई। साथ ही कसान की मुलाकात भी मूसा से कराई। इसके बाद कसान से पेपर लिया और पांच लाख रुपये में सादिक को लाकर दे दिया। इस पेपर से सादिक मूसा ने कई सेट बनवाए और इधर-उधर अपने अन्य संपर्कों में बांट दिए। इस पेपर को कई जगह दर्जनों अभ्यर्थियों को याद कराया गया। एसटीएफ कसान की तलाश कर रही है।
200 से ज्यादा अभ्यर्थी चिन्हित
इस मामले में अब तक पेपर याद करने वाले 200 से अधिक अभ्यर्थी चिन्हित हो चुके हैं। जबकि, रुपेंद्र के खरीदे हुए इस पेपर से कितने अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचा है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। लगातार चिन्हीकरण जारी है।
जमानत रद्द कराने की अपील को शासन से अनुमति
इस मामले में अब तक 12 लोगों को जमानत मिल चुकी है। इनमें से कुछ आरोपी जेल में हैं और कुछ बाहर आ चुके हैं। कई के खिलाफ एक से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनकी जमानत रद्द कराने के लिए एसटीएफ अब हाईकोर्ट में अपील करेगी। इसके लिए पिछले दिनों प्राइवेट काउंसिल भी नियुक्त किया जा चुका है। एसटीएफ को अपील के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है।