फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   ukd lost support in uttarakhand

गुटबंदी से ढह रहे उक्रांद के मजबूत ‘किले’

Sat, 19 Apr 2014 01:32 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 19 Apr 2014 01:32 AM IST
विज्ञापन
ukd lost support in uttarakhand

उत्तराखंड गठन के बाद मजबूत क्षेत्रीय दल के तौर पर उभरा उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) धड़ेबंदी के चलते अपने मजबूत ‘किले’ भी गंवाता जा रहा है।

विज्ञापन


पढ़ें, किसी प्रत्याशी में नहीं यहां वोट मांगने जाने का दम
विज्ञापन


जिन विधानसभा क्षेत्रों से उक्रांद का खासा वोट बैंक है वहां भी लोकसभा चुनावों में धड़ेबाजी से इसे नुकसान पहुंच रहा है।

खेमेबाजी से गिरा जनाधार
कुमाऊं और गढ़वाल में आधा दर्जन क्षेत्रों पर उक्रांद का मजबूत जनाधार माना जाता रहा है। जिन क्षेत्रों से विधानसभा चुनाव में उक्रांद जीत दर्ज करवाती रही है वहां भी खेमेबाजी के चलते जनाधार गिरा है, जिसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में पंवार और ऐरी धड़े को उठाना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, शंकराचार्य की पवित्र समाधि पर चढ़ेगी पीओके की मिट्टी

उत्तराखंड क्रांति दल के पंवार धड़े और ऐरी धड़े के बीच लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बाद एक जमाने में उनके गढ़ रहे क्षेत्रों में भी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

एकमात्र विधायक ने भी बना ली है दूरी
टिहरी लोकसभा सीट पर यमुनोत्री एकमात्र विधानसभा क्षेत्र है जहां से उक्रांद के विधायक प्रीतम पंवार जीतकर आए हैं, लेकिन अब उन्होंने खेमेबाजी के कारण पार्टी के धड़ों से दूरी बना ली है।


देखें, चौबीस साल बाद गले मिले उत्तराखंड के दो दिग्गज

पौड़ी लोकसभा सीट पर देवप्रयाग में दिवाकर भट्ट एक बार विधायक रह चुके हैं, जबकि 2012 में बेहद कम अंतर से हारे हैं। अब दिवाकर से पंवार और ऐरी के दूरी बनाने से वहां का वोट बैंक दूसरे दलों के खाते में जाता दिख रहा है।

पढ़ें, पिता के साथ ही चली गई डेढ़ करोड़ की जमीन

नरेंद्र नगर से उक्रांद के चुनाव चिन्ह पर जीत चुके ओम गोपाल रावत अब भाजपा में चले गए हैं। हरिद्वार में पार्टी का बेहद कमजोर जनाधार रहा है जिसका नुकसान दोनों धड़ों के प्रत्याशियों को उठाना पड़ेगा।

अल्मोड़ी से है पार्टी को उम्मीद
अल्मोड़ा लोकसभा सीट के तहत धारचूला, जागेश्वर और डीडीहाट विधानसभा सीट पर उक्रांद की अच्छी पकड़ रही है। काशी सिंह ऐरी धड़े के प्रत्याशी को यहां से वोट मिलने की उम्मीद है।

पढ़ें, बसें ‘ठंडी’ न होने से यात्री हो रहे ‘गरम

हालांकि 2012 विधानसभा चुनाव में ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी को यहां से हार का सामना करना पड़ा था। नैनीताल लोकसभा सीट पर कालाडूंगी विधानसभा सीट भी उक्रांद एक बार जीत चुकी है, लेकिन अब यहां भी जनाधार गिरा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed